23 मौतें और 3 दिन की हड़ताल के बाद वापस लौटे जूनियर डॉक्टर को परिजनों ने पीटा
पटना। बिहार के पटना मेडिकल कॉलेज में गुरुवार सुबह ही 3 दिन की हड़ताल के बाद वापस लौटे जूनियर डॉक्टर को एक मरीज के परिजनों ने पीट दिया। डॉक्टर का इल्जाम सिर्फ इतना था कि उन्होंने परिजनों से बेड खाली करने को कह दिया था जिससे आक्रोशित परिजनों ने डॉटक्टर की जमकर पिटाई कर दी। सनद रहे कि इसके पहले शिशुवार्ड में एक जूनियर डक्टर की पिटाई के विरोध में सभी डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे जिसके बाद अस्पताल में 23 मरीजों की मौत हो गई थी।

बिहार के अस्पतालों में डॉक्टरों पर हमले की घटना कम होने का नाम नहीं ले रही है। पटना स्थित पीएमसीएच में ड्यूटी पर लौटते ही जूनियर डॉक्टर की फिर से पिटाई हुई है। पिटाई में जहां डॉक्टर प्रियरंजन के हाथ ही अंगुली टूट गई है, वहीं गर्दन में भी काफी चोटें आई हैं। घटना अस्पताल के आरएसबी वार्ड की है, जहां सर्जरी के डॉक्टर प्रियरंजन से बेगूसराय के एक मरीज के परिजन इसलिए भिड़ गए, क्योंकि डॉक्टर ने मरीज को बेड खाली करने के लिये कहा था। बात इतनी बढ़ गई कि परिजनों ने डॉक्टर की पिटाई कर दी। पिटाई के बाद आक्रोशित जूनियर डॉक्टर गोलबंद होकर अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और कड़ी सुरक्षा की मांग की। इस मामले में पुलिस भी छानबीन शुरू कर दी है। हालांकि जिनपर डॉक्टर ने पीटने का आरोप लगाया है वे खुद जूनियर डॉक्टरों पर पीटने का आरोप लगा रहे हैं और अपनी चोटें दिखा रहे हैं।
मालूम हो कि गुरुवार की सुबह ही अस्पताल के जूनियर डॉक्टर हड़ताल के बाद काम पर वापस लौटे हैं। बता दें कि इसके पहले शिशुवार्ड में एक बच्चे की मौत हो जाने से नाराज परिजनों ने जूनियर डॉक्टरों से मारपीट की थी जिसके बाद डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे। पिछले तीन दिनों तक अस्पताल के डॉक्टरों की हड़ताल से 23 मरीजों की मौत हो गई थी। बाद में अस्पताल प्रबंधन से मिले आश्वासन के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म की थी।












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