OI Exclusive: क्या पप्पू यादव की जन सुराज पार्टी में जाने की तैयारी? Oneindia को बताया चुनावी प्लान
OI Exclusive Pappu Yadav Bihar Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 नजदीक आ रहे हैं और राज्य की राजनीति दिन-ब-दिन गरमाती जा रही है। भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार, अक्टूबर-नवंबर 2025 में चुनाव होने की संभावना है। जैसे-जैसे चुनावी माहौल गर्म हो रहा है, सभी दल अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं।
इस बीच, पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव चर्चा का केंद्र बन गए हैं। खबरें उड़ीं कि वे जल्द ही प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी में शामिल हो सकते हैं। लेकिन क्या है इस खबर की सच्चाई? Oneindia Hindi ने पप्पू यादव से खास बातचीत की। आइए जानते हैं क्या बोले?

सुगबुगाहट में कितनी सच्चाई? पप्पू यादव ने बताया
9 जुलाई को जब बिहार बंद के दौरान महागठबंधन ने विरोध मार्च निकाला, तो पप्पू यादव की मौजूदगी और उसके बाद जो हुआ, उसने सियासी हलचल और तेज कर दी। चर्चा ये भी हुई कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ मंच पर जगह ना मिलने से वो नाराज हो गए हैं और इसी वजह से कांग्रेस से दूरियां बढ़ानी शुरू हो गई। Oneindia ने जब सीधे पप्पू यादव से इस बारे में पूछा, तो उन्होंने साफ कह दिया कि ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताया और कहा कि वो कहीं नहीं जा रहे हैं।
क्या हुआ था महागठबंधन के मंच पर?
दरअसल, 9 जुलाई 2025 को बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ महागठबंधन ने बिहार बंद का आयोजन किया। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, तेजस्वी यादव समेत कई बड़े नेता विरोध मार्च में शामिल हुए। मार्च के दौरान एक ट्रक मंच का प्रतीक बना, जहां महागठबंधन के नेताओं ने एकजुटता दिखाई। लेकिन इस मंच पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को जगह नहीं मिली। उन्हें सुरक्षाबलों ने रोका। यह घटना कैमरे में कैद होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस वाकये ने सियासी हलकों में सवाल उठाए, क्योंकि पप्पू यादव खुद को राहुल गांधी का करीबी बताते रहे हैं।
जन सुराज पार्टी से जुड़ने की अटकलें
इस घटना के बाद यह खबर फैली कि पप्पू यादव, जो पहले कांग्रेस के साथ रहे, अब प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी में जा सकते हैं। खास बात यह है कि जन सुराज के अध्यक्ष उदय सिंह, जो पूर्णिया से ही हैं, ने पिछले लोकसभा चुनाव में पप्पू यादव का समर्थन किया था। इस बीच, वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया ने X (पूर्व में ट्विटर) पर दावा किया कि पप्पू यादव महागठबंधन से नाराज होकर जन सुराज में शामिल हो सकते हैं।
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पप्पू यादव का खंडन
Oneindia Hindi से बातचीत में पप्पू यादव ने इन खबरों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा, 'ये सब अफवाहें हैं, मैं कहीं नहीं जा रहा।' दीपक चौरसिया के दावे पर पप्पू यादव ने X पर तंज कसते हुए लिखा, 'दीपक भाई, सुबह-सुबह क्या मार लिए? पहले तो आप प्राइम टाइम में घूंट लेते थे, अब इतनी सुबह? कोई बड़ा फ्रस्ट्रेशन है क्या?'
बिहार की सियासी तस्वीर
बिहार की राजनीति में इस वक्त तीन बड़े ध्रुव हैं - एनडीए जिसमें जेडीयू और बीजेपी हैं, महागठबंधन जिसमें आरजेडी और कांग्रेस हैं, और तीसरा विकल्प बनकर उभरने की कोशिश कर रही जन सुराज पार्टी। ऐसे में अगर पप्पू यादव जैसा नेता जन सुराज से जुड़ता है, तो सियासी समीकरणों में बड़ा फेरबदल हो सकता है। हालांकि, पप्पू यादव ने साफ किया कि वे फिलहाल किसी नए दल में जाने की योजना नहीं बना रहे। लेकिन इस घटनाक्रम ने बिहार की सियासत में नया मोड़ ला दिया है, और आने वाले दिन और भी रोचक होने की उम्मीद है।
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