Bihar News: चुनावी मौसम में सिर्फ़ मिल रहा आश्वासन, प्रदेश सरकार पर लगे गंभीर आरोप, जानिए मामला
Bihar News: लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनज़र बिहार में भी सियासी बाज़ार सज चुका है। जनता को लुभाने के ले राजनीतिक पार्टियां विभिन्न रणनीतियों पर काम कर रही है। वहीं नीतीश सरकार जनता के हितों के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। इसी क्रम में रात्रि प्रहरियों के मानदेय बढ़ाने की भी चर्चा तेज़ हुई थी।
नीतीश सरकार ने करीब 2 महीने पहले रात्रि प्रहरियों को श्रम कानून के दायरे में लाने के साथ ही मानदेय बढ़ाने की बात कही थी। इसके तहत शिक्षा विभाग और स्कूल की सफ़ाई व्यवस्था आदि में लगे वेंडर के बीच एमओयू साइन भी होना था। लेकिन अभी तक रात्रि प्रहरियों को नया मानदेय नहीं मिल पाया है।

रात्रि प्रहरियों को हर महीने 5 हज़ार रुपये मिला करते थे, जिसे बढ़ाकर 10,881 रुपये देने की बात थी। चर्चा तेज़ थी कि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के सफाई कर्मियों हर रोज़ विभिन्न स्कूलों में प्रति टॉयलेट 100 रुपये मिलेंगे। वहीं प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में 50 रुपये प्रति टॉयलेट भुगतना होगा।
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रात्रि प्रहरी अनिल महतो, (बीहट, बेगूसराय ज़िला निवासी) ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मानदेय बढ़ाने का शिगुफ़ा तो छोड़ा लेकिन अभी तक बढ़ा हुआ मानदेय नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि वैदही बल्लभसरण बालिका उच्चा विद्यालय में बतौर नाइट गार्ड 2009 में ज्वॉइन किया था।
पूर्णिया जिला का पत्र दिखाकर उन लोगों को काम से हटा दिया गया, बाद में फिर से रखा गया। पेपर में पढ़े थे कि सरकार रात्रि प्रहरी का मानदेय बढ़ाकर देगी लेकिन अभी तक नहीं मिला है। चुनाव आता है तो कुछ पैसों को लोभ देकर वोट ख़रीद लिया जाता है। जनता के हितों में सरकार नहीं सोचती है।
चुनावी मौसम में सिर्फ वादे किये जाते हैं, जनता उसी लालच में वोट दे देती है। इस बार भी रात्रि प्रहरियों के मानदेय बढ़ाने का लॉलीपॉप दिया गया लेकिन अभी तक मानदेय नहीं बढ़ा है। सरकार हम लोगों का मानदेय नहीं बढ़ाती है तो आगामी चुनाव में बिहार में दूसरी पार्टी को वोट देंगे।












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