Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

OI Exclusive: एक जन्म देने वाली मां थी, दूसरी...’, फफक कर रो पड़ी शिक्षिका, बताया कैसे गुज़रा Atul का बचपन?

Atul Subhas Case: बिहार के समस्तीपुर जिले के पूर्व एआई इंजीनियर अतुल सुभाष के जीवन और दुखद अंत ने मीडिया का ध्यान खींचा है। वन इंडिया हिंदी की टीम भी अतुल के गांव पहुंची, उनके परिवार से मुलाक़ात की, जिंदगी की हर पहलुओं को समझने की कोशिश की।

अतुल सुभाष के बचपन से लेकर उनके दुखद अंत तक कई मार्मिक खुलासे हुए। वन इंडिया हिंदी की टीम उस विद्यालय में कस्तूरबा बाल वाटिका पहुंची, जहां से अतुल ने शुरूआती पढ़ाई से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में उनके करियर की नींव रखी गई। अतुल के शिक्षक स्कूल में बिताए गए समय को प्यार से याद करते हैं और उसे एक अच्छा व्यवहार करने वाला और आज्ञाकारी बच्चा बताते हैं।

OI Exclusive how was Atul subhash childhood samastipur kasturba bal vatika teacher burst into tears

वन इंडिया हिंदी से बात करते हुए अतुल की शिक्षिका फफक कर रोने लगी, उन्होंने कहा कि क़रीब ढाई साल की उम्र में अतुल को उनकी मां मेरे पास लेकर आई थी। प्रेमा देवी को उनके स्कूल का प्यार भरा और पारिवारिक माहौल आज भी याद है। उन्होंने कहा कि एक जन्म देने वाली मां थी, दूसरी मां मैं हूं, जिसने अतुल को शिक्षा दी।

अतुल के जाने से ऐसा लग रहा है, मेरी कोख सूनी हो गई है। वह बहुत ही शालीन और आज्ञाकारी बेटा था। अतुल एक सुपारी तक नहीं खाता था, चाय भी नहीं पीता था। उस पर शराब का सेवन और घरेलू हिंसा के लगे आरोप बेबुनियाद हैं। अतुल के जैसा संस्कारी बच्चा आज बहुत कम देखने को मिलेगा।

एक अन्य शिक्षिका ने अतुल की यादें साझा कीं, जो लगभग ढाई साल की उम्र में स्कूल में शामिल हुआ था। शुरू में अपनी मां को छोड़ने में झिझकने वाले अतुल ने जल्द ही माहौल में खुद को ढाल लिया। अपने शिक्षकों के साथ माँ की तरह व्यवहार करने लगा। शिक्षिका याद करती हैं कि वे उसकी देखभाल ऐसे करती थीं जैसे कि वह उनका अपना बच्चा हो।

कस्तूरबा बाल वाटिका में अतुल का लालन-पालन देखभाल और शिक्षा के बीच हुआ, जिसने उसके विकास को काफी प्रभावित किया। उसके शिक्षक न केवल उसकी शैक्षणिक क्षमता को याद करते हैं, बल्कि उनके साथ उसके मजबूत संबंधों को भी याद करते हैं। वे उसके सम्मान और प्यार की यादों को संजोकर रखते हैं, जो तब स्पष्ट होता है जब उसने अपने पहले वेतन से उन्हें उपहार खरीदने की योजना बनाई थी।

अतुल की असामयिक मृत्यु के बाद उनके जानने वालों के बीच अविश्वास और गहरा दुःख है। उनके शिक्षक उस व्यक्ति के खोने का शोक मना रहे हैं जिसे वे अपना बेटा मानते थे। उनके विवरण एक दयालु, बुद्धिमान और सम्माननीय व्यक्ति को दर्शाते हैं जिसका दुखद अंत उनकी यादों से बिल्कुल अलग है।

कहानी इस बात को रेखांकित करती है कि शिक्षकों का अपने छात्रों के जीवन पर कितना गहरा प्रभाव होता है, जिसका उदाहरण कस्तूर बा बाल वाटिका में अतुल के अपने शिक्षकों के साथ संबंध हैं। इन शिक्षकों के विचार अतुल के चरित्र और क्षमता के बारे में अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं, जिससे उनका नुकसान और भी मार्मिक हो जाता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+