बिहार: दोहा में हुई युवक की मौत, आखिरी दीदार की उम्मीद में दर-दर की ठोकरें खा रहा परिवार
परिजनों ने बताया कि 7 सितंबर को कपंनी के मानव संसाधन विभाग से कॉल आया था। उन्होंने बताया कि सड़क हादसे में जैनुल आबेदीन की मौत हो गई है। हम लोगों ने कहा कि बच्चे के शव को वीडियो कॉल पर दिखा दें...
नालंदा, 14 सितंबर 2022। बिहार में बढ़ती बेरोज़गारी की वजह से युवक दूसरे प्रदेश का रुख कर रहे हैं। वहीं कई ज़िलों के युवक तो नौकरी की तलाश में विदेशों का भी रुख कर रहे हैं। विदेशों में नौकरी कर सैलरी तो अच्छी पा रहे हैं लेकिन परिवार से सालों भर दूर रहना भी पड़ रहा है। वहीं अगर कुछ हादसा हो गया तो फिर परिवार वाले अपने बच्चे की आखिरी दीदार को भी तरस जा रहे हैं। ताजा मामला बिहार के नांलदा ज़िले का है, जहां कतर की राजधानी दोहा में नालंदा के रहने वाले एक युवक की मौत हो गई। अब उसके परिवार वाले सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन शव की वतन वापसी की कोई उम्मीद नहीं जग रही है।
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बेटे की मौत की खबर से सदमे में पूरा परिवार
परिजनों ने बताया कि 7 सितंबर को कपंनी के मानव संसाधन विभाग से कॉल आया था। उन्होंने बताया कि सड़क हादसे में जैनुल आबेदीन की मौत हो गई है। हम लोगों ने कहा कि बच्चे के शव को वीडियो कॉल पर दिखा दें, काफी मिन्नतें की लेकिन किसी ने शव को नहीं दिखाया। वहीं परिजनों ने जैनुल (37 वर्षीय) अपने घर का सबसे बड़ा बेटा था। वह तीन सालों से लुसैल पैलेस नाम की कंपनी में दोहा (कतर) में काम कर रहा था। जनवरी 2022 में वह आखिरी बार घर आया था। उसके बाद फिर 14 फरवरी 2022 को अपने काम पर लौट गया। अब अचानक से उसके मौत की खबर आइ है। पूरे परिवार सदम में है।

3 बच्चों के सिर से उठा बाप का साया
मृतक के पिता मो. सऊद आलम ने बताया कि उनके बड़े बेटे जैनुल की शादी कोलकाता के केला बागान में साल 2013 में हुई थी। उनके तीन बच्चे दो बेटा और एक बेटी है। जैनुल की पत्नी अपने बच्चों के साथ मां के घर में है। जैनुल की मौत की खबर सुनकर सभी लोगों का रो रोकर बुरा हाल हो गया है। उसके शव को पाने के लिए विदेश मंत्रालय को भी आवेदन दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बेटे की आखिरी दीदार के लिए पूरा परिवार तरस रहा है लेकिन कहीं से भी कोई मदद नहीं मिल पा रही है।

बेटे की आखिरी दीदार की उम्मीद में बुजुर्ग पिता
अपने बेटे के शव की वतन वापसी के लिए बुजुर्ग पिता ने डीएम दफ्तर का रुख किया। कार्यालय में मौजूद अधिकारियों को इस बाबत आवेदन दिया। वहीं गुहार लगाई कि जल्द से जल्द उनके बच्चे के शव की वतन ला दिया जाए। वहीं डीएम कार्यालय से बुज़ुर्ग पिता को आश्वासन मिला है कि जल्द से उचित कार्रवाई की जाएगी। बड़ी दरगाह (नगर थाना क्षेत्र) के नया टोला के रहने वाले मो. सऊद आलम के पांच बेटों में सबसे बड़ा बेटा जैनुल ही था। तीन सालों से दोहा में काम कर रहा था, आखिरी बार जनवरी में परिवार से मुलाक़ात हुई उसके बाद अब मौत की खबर ही सुनने को मिली। बुज़ुर्ग पिता अपने बेटे की आखिरी दीदार के लिए मदद की गुहार लगा रहे हैं लेकिन अभी तक आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं मिला है।
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