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सावधान ! 7 हज़ार KM दूर से बिहार आई आफत, एसिड फ्लाई के अटैक से जा सकती है आंखों की रोशनी

पूरा देश अभी पूरी तरह से कोरोना के क़हर से निकल भी नहीं पाया था कि अब नैरोबी मक्खी दहशत फैला रही है। बिहार में नैरोबी मक्खी (एसिड फ्लाई) के दस्तक से लोगों में डर का माहौल है।

पटना, 12 जुलाई 2022। पूरा देश अभी पूरी तरह से कोरोना के क़हर से निकल भी नहीं पाया था कि अब नैरोबी मक्खी दहशत फैला रही है। बिहार में नैरोबी मक्खी (एसिड फ्लाई) के दस्तक से लोगों में डर का माहौल है। इसके साथ ही सरकार की तरफ़ से भी एडवाइजरी जारी कर नैरोबी मक्खी को अलर्ट जारी किया गया है। घर से लेकर बाज़ार तक सावधान रहने की सलाह दी जा रही है। एसिड फ़्लाई के अटैक को लेकर स्थानीय लोग ज्यादा गंभीर नहीं थे लेकिन गाइड लाइन जारी होने के बाद से लोगों में दहशत का माहौल है।

अलर्ट मोड में विभाग और प्रशासन

अलर्ट मोड में विभाग और प्रशासन

नैरोबी मक्खी का ख़तरा किशनगंज, पुर्णिया और अररिया जैसे बंगाल से सटे इलाकों में ज्यादा है। सीमावर्ती इलाका होने की वजह से सीमांचल के जिलों में सबसे ज्यादा ख़तरा है। नैरोबी मक्खी के बाबत अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने पूर्णिया, किशनगंज, और अररिया के सिविल सर्जन को लेटर जारी किया है। तीनों जिले के सभी अनुमंडलीय अस्पताल, चिकित्सा पदाधिकारी (प्रभारी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और रेफरल अस्पताल समेत सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को अलर्ट एडवाइज़री जारी किया गया है।

नैरोबी मक्खी के फैलने की रफ्तार काफी तेज है

नैरोबी मक्खी के फैलने की रफ्तार काफी तेज है

नैरोबी मक्खी का प्रकोर सिक्किम और पश्चिम बंगाल में जारी है, यही वजह है कि पश्चिम बंगाल के सटे सीमावर्ती जिलाओं में भी अलर्ट जारी किया गया है। यहां भी एसिड अटैक की आशंका बढ़ी हुई है। जानकारों की मानें तो एसिड फ्लाई पूर्वी अफ्रीका से पहुंची है और फैलने की रफ्तार काफी तेज है। यह मक्खी बदन के किसी भी भाग पर बैठ जाएगी तो खुजली और जलन होने लगती है। जिसके बाद बदन के उस भाग पर घाव बन जाता है। कहा तो यह भी जा रहा है कि अगर आंख पर एसिड फ़्लाई बैठ गई तो आंख की रोशनी जा सकती है।

आंख की रोशनी जाने का भी हो सकता है खतरा

आंख की रोशनी जाने का भी हो सकता है खतरा

नैरोबी मक्खी के संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ़ से हर क्षेत्रों के लोगों को सतर्क किया जा रहा है। एडवाइज़री जारी कर लोगों को जागरूक करने के साथ ही ज़रूरी क़दम उठाने के लिए भी सुनिश्चित किया जा रहा है। अभी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में इसका प्रकोप जारी है। मिली जानकारी के मुताबिक इसके फैलने की रफ्तार भी काफी तेज है। मक्खी जिस भी इंसन को के काट रही है उस व्यक्ति की त्वचा में खुजली होने लग रही है और जले की तरह घाव बनने रहे हैं। मक्खी का ज़हर बदन के किसी भी जगह पर लगेगा तो जलन और खुजली होने लगेगी। आंख पर बैठने से रोशनी जाने का भी खतरा पैदा हो सकता है।

साफ़-सफ़ाई का ध्यान रखने की ज़रूरत

साफ़-सफ़ाई का ध्यान रखने की ज़रूरत

पूर्णिया प्रमंडल के अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डा. एसके वर्मा ने बताया कि बंगाल के रास्ते नैरोबी मक्खी के आगमन की आशंका जताई जा रही है। सीमावर्ती जिले में इस बाबत अलर्ट जारी कर दिया गया है। लोगों को सावधान रहने के साथ-साथ जागरूक भी किया जा रहा है। बदन पर अगर मक्खी बैठ गई है तो उसे किसी चीज़ से हलके ढंग से हटा दें। किसी भी सूरत में मक्खी को नहीं मसलें क्योंकि इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। बिना किसी काम के वैसे जगहों पर नहीं जाएं जहां मक्खियों का जमावड़ा लगता है। अपने घर और आस पास सफाई का पूरा ख़याल रखें ताकि मक्खियां दूर ही रहें। अगर मक्खी बदन पर बैठ गई तो उसे हटा दें जलन हो तो सिट्राजिन आदि दवा डॉक्टर्स की सलाह के बाद ले सकते हैं। जख्म वाली जगह पर एंटीबायोटिक क्रीम भी लगा सकते हैं।

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