नक्सलियों की धमकी के बावजूद निडर परमानंद ने चुनाव लड़कर हासिल की थी जीत, शपथ लेने से पहले कर दी हत्या
मुंगेर। बिहार के मुंगेर जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर नक्सल प्रभावित थाना लड़ाइयां टांड थाना क्षेत्र के पहाड़ों की तराई में बसा आजिमगंज पंचायत के मथुरा गांव में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां आजिमगंज पंचायत के नवनिर्वाचित मुखिया परमानंद टुडु की बीती रात नक्सलियों ने हत्या कर दी। हत्या का कारण पंचायत चुनाव में मिली जीत को बताया जा रहा है। दरअसल, नक्सलियों ने चुनाव ने पहले ही क्षेत्र में एक मुखिया के पक्ष में गांव के लोगों को वोट देने का फरमान जारी करते हुए परमानंद टुडु को चुनाव न लड़ने की धमकी भी दी थी। लेकिन परमानंद निडर होकर चुनाव लड़े और जीत भी हासिल की।

इसके बाद नक्सलियों ने गुस्से में परमानंद टुडु को उसके घर से निकाल कर घर के थोड़ी देर पे ही ले जाकर उसका गला रेत दिया। मृतक मुखिया के पुत्र अभिषेक ने बताया कि रात के वक्त लगभग 9 बजे 6 की संख्या में हथियारबंद नक्सली घर में घुसे और पापा को उठाया और कहा कि चुनाव जीते हो तो खस्सी का मांस खिलाओ। इसके कुछ देर बाद घर से निकाल कुछ दूर ले जाकर गला रेतकर हत्या कर दी।
अभिषेक ने बताया कि अभी उसके पिता 31 दिसंबर को मुखिया पद की शपथ लेने वाले थे। लेकिन इससे पूर्व ही नक्सलियों ने उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद से ही गांव में दहशत का माहौल फैल गया है। मृतक मुखिया परमानंद टुडु रिटायर्ड रेलकर्मी श्यामसुंदर टुडु का छोटा बेटा है। एक बेटा सेना में है तथा मृतक मुखिया खेती बाड़ी कर अपना जीवन यापन कर अपने दो बेटा एक बेटी और पत्नी का भरण पोषण करता था। जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में भी मृतक ने चुनाव लड़ा था और उस समय भी नक्सलियों ने चुनाव न लड़ने की चेतावनी दी थी। हालांकि उस समय चुनाव न जीत सका।












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