Bihar News: CM Nitish के करीबी को Sonu Monu गैंग ने ललकारा!, पूर्व IPS अमिताभ दास ने बताई गैंगवार की वजह
Bihar Gang War News Today: बिहार के मोकामा प्रखंड में हुए गैंगवार ने पूर्व विधायक बाहुबली अनंत सिंह और कुख्यात सोनू-मोनू गिरोह के बीच दुश्मनी को फिर से उजागर कर दिया है। इस पूरे मामले में वन इंडिया हिंदी से पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ दास ने बेबाकी से अपनी बात रखी।
अमिताभ दास ने बताया कि सोनू-मोनू दोनों भाई नौरंगा जलालपुर गांव के रहने वाले हैं। जो कि बाढ अनुमंडल (मरांची थाना) पंचमहला ओपी में पड़ता है। इनके पिता पेशे से वकील हैं और इनकी मां गांव की मुखिया बताई जाती हैं। सीएम नीतीश के क़रीबी अनंत सिंह के साथ इन दोनों की लंबे समय से दुश्मनी चली आ रही है।

नौरंगा जलालपुर गांव में पूर्व विधायक अनंत कुमार सिंह और सोनू-मोनू गिरोह के बीच कई राउंड फ़ायरिंग हुई। गैंगवार के बाद से इलाके में तनाव बढ़ गया है। जलालपुर गांव के कुख्यात अपराधी सोनू और मोनू 15 साल पहले ट्रेन लूटने के बाद से ही अपराध करते आ रहे हैं।
यूपी के बाहुबली मुख्तार अंसारी गैंग के दोनों भाई शूटर रह चुके हैं। अंसारी गैंग के साथ उनके अच्छे संबंध है। अनंत सिंह की पहले भी दोनों भाइयों ने हत्या की 50 लाख में सुपारी ली थी। बुधवार को हुई वारदात भी वर्चस्व की लड़ाई ही थी। यह एक राजनीतिक बिसात बिछाने की तैयारी भी है।
अमिताभ दास ने बताया कि सोनू-मोनू ने एक किसान परिवार के घर पर ताला लगा दिया था। अनंत सिंह वहां ताला खुलवाने पहुंचे थे। इसी बात को लेकर सोनू-मोनू गैंग और अनंत सिंह के गैंग के बीच गोलियां चलने लगी। कानूनी तौर पर देखा जाए तो सोनू-मोनू और अनंत सिंह पर भी एक्शन लेना चाहिए।
गैंगवार में कई राउंड गोलियां चलीं जिसमें सोनू-मोनू गैंग और अनंत सिंह के गुर्गों की तरफ़ से भी अवैध हथियारों से फायरिंग हुई। अनंत सिंह के लाइसेंस औऱ हथियारों की जांच होनी चाहिए। चूंकि अनंत सिंह सीएम नीतीश का करीबी है, इसलिए इस पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। यह भी जांच का विषय है।
मोकामा में हुए गैंगवार का राजनीतिक पहलु की बात करें तो, अनंत सिंह जदयू की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने वाले हैं। वहीं सोनू मोनू में से कोई एक भी विधानसभा चुनाव में सियासी दांव खेलने की तैयारी कर रहा है। इसलिए अपना वर्चस्व दिखाने के लिए यह गैंगवार हुआ है।
अमिताभ दास ने कहा कि चुनाव नज़दीक आते-आते मोकामा में कई और गोलीकांड का नज़ारा देखने को मिल सकता है। क्योंकि सोनू मोनू भी भूमिहार समुदाय से आता है, और चुनावी ज़मीन मज़बूत करने के लिए अभी से ही माहौल बनना शुरू हो चुका है। अनंत सिंह कभी भी अपना प्रभाव कम होते नहीं देख सकता है।












Click it and Unblock the Notifications