Miss Asia World: ‘नहीं रहे पिता, पैर हुए नाकाम’, संघर्षों से जूझते हुए निधि सिंह ने बनाई अपनी अलग पहचान
Miss Asia World Nidhi Singh Exclusive: कौन कहता है, आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों, कुछ ऐसी ही संघर्ष भरी कहानी निधि सिंह की है, जिन्हें आप बिहार की बेटी ही नहीं, बल्कि हिंदुस्तान की बेटी कह सकते हैं। ऐसा हम इसलिए बोल रहे हैं, क्योंकि निधि सिंह ने मिस एशिया वर्ल्ड का ख़िताब अपने नाम कर देश का परचम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लहराया है।
वन इंडिया हिंदी से ख़ास बातचीत में निधि सिंह ने संघर्ष भरे सफर की कहानी बताई और बेबाकी से अपनी बात रखी। सन 1999 में निधि का जन्म देश की राजधानी दिल्ली में हुआ था। मां का नाम रेनू सिंह और पिता का नाम सुधीर सिंह, और पैतृक घर बिहार में है।

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दिल्ली में पैदा हुई निधि की शिक्षा दिल्ली से ही हुई, दसवीं और बारहवीं की तालीम सीबीएसई बोर्ड दिल्ली से हासिल करने के बाद उन्होंने केशव महाविद्यालय और जामिया मिलिया कॉलेज से मास मीडिया की डिग्री हासिल की। बचपन से ही प्रतिभाशाली निधि सिंह अभी तक 1510 अवार्ड अपने नाम कर चुकी हैं।
निधि का जीवन काफी संघर्षपूर्ण रहा है, चुनौतियों से जूझते हुए उन्होंने अपने सपने को साकार किया है। वह न्यूज़ एंकर बनना चाहती थीं, उस सपने को साकार किया। मां का सपना था कि निधि भारत के लिए मिस यूनिवर्स का ताज लाए, उसे भी पूरा किया। इसके साथ ही कई संस्थाओं से जुड़कर सामाजिक कार्य करते रहीं।
निधि सिंह ने बताया कि ह्यूमन राइट्स कमिशन की प्रेसिडेंट बनने के बाद उन्होंने कई महिलाओं को और पुरुषों को इंसाफ दिलवाया। इसके साथ ही खुद को समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया। साल 2019 में निधि सिंह यूपीएससी के मेंस एग्जाम दे रही थी। इसी दौरान उनके सिर से पिता का साया उठ गया।
पिता की मौत से वह पूरी तरह से टूट चुकी थीं, किसी तरह ख़ुद को संभाला और आगे बढ़ने की कोशिश की। एग्ज़ाम में कामयाबी नहीं मिल पाई, लेकिन निधि ने हार नहीं मानी, कोशिश करती रहीं। पिता के जाने के बाद कुछ जिम्मेदारियां उनके भाई और कुछ उनके सिर पर आ गई थी।
निधि ने खुद को खुद से हिम्मत देते हुए फिर से शुरुआत की और पत्रकारिता की पढ़ाई शुरू की, लेकिन वह भी अधूरी रह गई। साल 2021 उनके साथ एक बड़ा हादसा हो गया, जिस वजह से उनके दोनो पैर नाकाम हो गए थे। सभी डॉक्टरों ने कहा कि था कि वह अपने पैरों से कभी नहीं चल पाएगी।
1 साल तक पैरों के हाल से जूझने के बाद कोमा से बाहर आई, निधि ने खुद पर यकीन कर चलने की कोशिश की लड़खड़ा कर गिरी, लेकिन हार नहीं मानी। एक दिन ऐसा आया जब वह अपने पैरों पर पूरी तरह से खड़ी हो गई। डॉक्टरों ने देखा तो हैरान रह गए, उन्होंने कहा कि यह मेडिकल क्षेत्र में चमत्कार है।
निधि सिंह ने साल 2023 में राष्ट्रीय स्तर पर मिस यूनिवर्स का खिताब अपने नाम किया था। कई चैनलों में बतौर न्यूज़ एंकर काम कर चुकी निधि वर्ल्ड हुमन राइट्स कमिशन दिल्ली की प्रेसिडेंट भी हैं। अपने काम की वजह से उन्हें कई प्रदेश में राजकीय सम्मान से भी नवाज़ा गया है।
मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और विदेशों में भी अपने हुनर का लोहा मनवा चुकी निधि जापान, उज़्बेकिस्तान, रसिया और अमेरिका जैसे मुल्कों में अपने देश का पचम लहरा चुकी हैं। निधि सिंह ने वियतनाम में आयोजित मिस एशिया वर्ल्ड 2024 कॉम्पेटिशन में भी अपने हुनर का परचम लहराया है।
52 लड़कियों को पीछे छोड़ते हुए निधि सिंह मिस एशिया वर्ल्ड 2024 का खिताब अपने नाम कर हिंदुस्तान का परचम बुलंद किया। आज निधि सिंह अपने दोनों पैरों पर तो खड़ी हुई ही और दुनिया के लिए मिसाल बन गई। निधि सिंह कहती हैं की जीवन में सुख दुख तो आता रहता है, उसकी फेस कैसे करना है वह आप पर निर्भर करता है।












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