Patna News: चमड़े की शीट पर चित्रकारी कर मणि कुमार बटोर रहे सुर्खियां, दाम इतने कि ख़रीद लेंगे iphone
Painting On leather Sheet: बिहार की राजधानी पटना में के सरस मेले में 'चर्मचित्रकारी' चमड़े की शीट पर चित्रकारी सुर्खियां बनी हुई हैं। आंध्र प्रदेश निवासी मणि कुमार चित्रकारी करते हैं। वहीं उनकी मां सिंधी शंकरम्मा लेदर शीट पर बनी चित्रकारी में रंग भरती हैं। आपको बता दें कि 'चर्मचित्रकारी' (लेदर पपेट) को उन्होंने टेबल लैंप, फ्लोर लैंप, वॉल पेंटिंग इत्यादि में उकेरा है।
मणि कुमार ने बताया कि पहले वह मटन की दुकान पर चमड़े खरीदते हैं। इसके बाद मटन के चमड़े को गर्म पानी में डालकर साफ करते हैं। चमड़े को साफ करने के बाद आयरन फ्रेम में सेट कर करीब 3 दिनों तक सूखने दिया जाता है।

चमड़े के सूखने के बाद सुई से चित्रकारी उकेरी जाती है। चित्रकारी कर लेने के बाद पतले बांस को पेन की शक्ल देते हैं और इंक में डुबोकर डिज़ाइन बनाते हैं। इन सब प्रोसेस के बाद नेचुरल रंगों की मदद से पेंटिंग की जाती है। ऑर्गेनिक रंग फूल, पत्ते और फल के इस्तेमाल कर तैयार किया जाता है।
मणि की मानें तो इंच के हिसाब से लेदर शीट को तैयार किया जाता है, छोटी चित्रकारी तैयार करने में एक दिन का समय लगता है। वहीं कुछ बड़ी पेंटिंग बनाने में करीब 3 महीने का भी वक्त लगता है। इसकी सबसे बड़ी वजह इसमें ऑर्गेनिक डाई का इस्तेमाल और पंचिंग है।
नेचुरल डाई सूखने में काफी वक्त लगता है, दोनों साइड से भी चित्रकारी की जाती है। कीमत की बात करें तो 100 रुपए से लेकर 50 हज़ार रुपये तक प्रोडक्ट में यह शानदार 'चर्मचित्रकारी' की गई है। मणि ने बताया कि उनके परिवार में पीढ़ी दर पीढ़ी इस काम को किया जा रहा है।
परिवार में मणि के साथ-साथ उनकी मां, पिता, भाई और भाई की पत्नी भी इस काम से जुड़ी हुई है। साल 2015 में उनके पिता सिंधे गंगीसेठी इस काम के लिए स्टेट अवार्ड मिला था। वहीं, पिछले साल मणि के दादा दलावाई छलपथी राव को इस चित्रकारी के लिए पद्मश्री पुरस्कार से नवाज़ा गया था। मणि की माने तो उनकी महाभारत और रामायण की पूरी कहानी वाली दोनों चित्रकारी 1-1 लाख रुपये में बिकी थी। 5 फीट की शीट पर दोनों साइड चित्रकारी की गई थी।












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