Lok Sabha Election 2024: विधानसभा क्षेत्र में परफार्मेंस के आधार पर सीटों का बंटवारा चाहती है माले, जानिए
Lok Sabha Election 2024 को लेकर बिहार में चुनावी चर्चा तेज़ हो चुकी है। 'INDIA गठबंधन' के नेता अपने-अपने क्षेत्र में चुनावी ज़मीन मज़बूत करने में जुटे हुए हैं। वहीं महागठबंधन की सहयोगी पार्टियों ने भी सीट की दावेदारी पर मंथन शुरू कर दिया है। बिहार की 40 लोकसभा सीटों में ज़्यादा से ज़्यादा सीटों पर दावेदारी ठोकने के लिए बयानबाज़ी भी जारी है।
भाकपा-माले ने लोकसभा चुनाव 2024 में सीटों की तालमेल पर चर्चा के लिए टीम का गठन किया है। बिहार में भाकपा माले के पोलिट ब्यूरो की टीम में 3 सदस्य (सदस्य धीरेन्द्र झा, केडी यादव और राजाराम सिंह) का नाम शामिल हैं। ग़ौरतलब है कि कुछ दिन पहले दीपंकर भट्टाचार्य (महासचिव, माले) ने लोकसभा चुनाव में सीट शोयरिंग को लेकर अपनी राय दी थी।

भाकपा माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा था कि बिहार में हमारी पार्टी के 12 विधायक हैं। यह 12 विधायक 9 लोकसभा क्षेत्रों से आते हैं। इन 9 लोकसभा क्षेत्र की जनता को माले से बहुत उम्मीदें हैं। वहीं माले के राज्य सचिव कुणाल ने कहा था कि विधान सभा क्षेत्रों में पार्टियों का परफॉर्मेंस देख कर ही लोकसभा चुनाव में सीटों का बंटवारा सही रहेगा।
कुणाल (माले के राज्य सचिव) ने कहा कि माले और राजद के तालमेल की वजह से ही विधान सभा चुनाव में महागठबंधन के नतीजे ताकतवर आये। चुनावी नतीजों के बाद यह चर्चा तेज़ हो गई थी कि कांग्रेस की बजाय माले को ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़वाने से और बेहतर परिणाम होते। तेजस्वी प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी संभाल रहे होते।
महागठबंधन में सीटों के बंटवारे पर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज़ हो चुकी हैं। लोगों का कहना है कि INDIA गठबंधन मज़बूत नज़र आ रहा है। लोकसभा चुनाव में बाज़ी भी पलट सकती है, लेकिन जहां सीट बंटवारे की बात आती है, महागठबंधन की सहयोगी पार्टियों में तकरार नज़र आने लगेगी। नतीजा भाजपा जोड़ तोड़ की सियासत कर वापस से केंद्र की सत्ता में आ जाएगी। महागठबंधन में सबका मिज़ाज मिलना बहुत आसान नहीं है।












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