Land For Job Scam: लालू परिवार को चुनाव से पहले बड़ी राहत! लैंड फॉर जॉब घोटाले में फैसला टला, क्या है आरोप
Land For Job Scam: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के लिए राहत भरी खबर आई है। 'लैंड फॉर जॉब' घोटाले से जुड़े मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला सुनाने की तारीख आगे बढ़ा दी है। अब इस केस की अगली सुनवाई 4 दिसंबर को होगी। यह वही मामला है जिसमें लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती, हेमा यादव और तेज प्रताप यादव समेत कई लोगों पर आरोप तय किए जाने थे।
चुनाव के बीच कोर्ट का यह फैसला लालू परिवार के लिए फिलहाल राहत की सांस लेकर आया है। तय तारीख पर आज 10 नवंबर को आरोप तय होने थे, लेकिन कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए नई तारीख घोषित की। इससे पहले इसी तरह के एक मामले IRCTC घोटाले में भी लालू परिवार पर आरोप लगे थे।

🔹 क्या है 'लैंड फॉर जॉब' मामला? (What is Land For Job Scam)
यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे (2004 से 2009 के बीच)। CBI का आरोप है कि रेल मंत्रालय में ग्रुप-डी की नौकरियों के बदले उम्मीदवारों से जमीनें और संपत्तियां ली गईं। कहा गया कि उम्मीदवारों को नौकरी देने के एवज में उनकी जमीनें बेहद कम कीमतों पर लालू यादव के परिवार या उनके करीबी लोगों के नाम पर ट्रांसफर कराई गईं।
CBI ने इस मामले में लालू यादव, उनकी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बेटा तेजस्वी यादव, बेटी मीसा भारती और अन्य 16 आरोपियों के खिलाफ मई 2022 में चार्जशीट दायर की थी। जांच एजेंसी ने दावा किया कि पटना समेत बिहार के कई इलाकों में जमीनें लालू परिवार के सदस्यों और उनके रिश्तेदारों के नाम पर की गईं।
🔹 किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
CBI ने इस केस में IPC की धारा 120B (षड्यंत्र), 420 (धोखाधड़ी), 467 (फर्जी दस्तावेज), 468 (जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 11, 12, 13(2) समेत अन्य प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी का कहना है कि यह एक "पॉलिटिकली इंफ्लुएंस्ड घोटाला" है, जिसमें सत्ता का दुरुपयोग हुआ।
🔹 चुनावी माहौल में क्यों अहम है यह फैसला
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच इस केस का टलना राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। आरजेडी पहले से ही चुनावी मैदान में एनडीए के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए है, और ऐसे वक्त में लालू परिवार को कोर्ट से मिली यह राहत पार्टी के लिए मनोबल बढ़ाने वाली खबर है।
अगर कोर्ट में 4 दिसंबर को आरोप तय होते, तो इसका असर चुनावी माहौल पर पड़ सकता था। अब फैसला टलने से आरजेडी को थोड़ी राहत जरूर मिली है।
🔹 अब आगे क्या?
अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 दिसंबर को होगी। कोर्ट तब तय करेगा कि लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ आरोप तय किए जाएं या नहीं। राजनीतिक हलकों में इस केस को लेकर चर्चा तेज है, क्योंकि बिहार की सियासत में लालू परिवार का प्रभाव अब भी गहरा है, और ऐसे केसों का असर सीधे चुनावी समीकरणों पर पड़ता है।












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