Bihar Budget 2025: 10 सालों में कितना बढ़ा बजट, बिहार बजट-25 में किन ख़ास मुद्दों पर रहा ज़ोर
Bihar Budget 2025: वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार बजट 2025 पेश किया। आगामी चुनावों से पहले मौजूदा सरकार का यह आखिरी बजट आर्थिक विकास और मतदाता संतुष्टि के बीच संतुलन बनाने पर केंद्रित है। पिछले एक दशक में बजट का आकार काफी बढ़ गया है, जो बिहार की विकास जरूरतों को दर्शाता है।
यह 2015-16 में 1.20 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 2.78 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इस चुनावी साल में बजट पहली बार 3 लाख करोड़ रुपये को पार करते हुए 3.16 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वित्त मंत्री चौधरी ने बजट पेश करते हुए पीएम मोदी के 'सबका साथ सबका विकास' और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व पर प्रकाश डाला।

बुनियादी ढांचा और विकास पहल: महिलाओं को लाभ पहुंचाने के लिए पिंक बसें और शौचालय तथा महिला हाट बाजार समेत कई पहलों की घोषणा की गई है। महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की योजना बनाई गई है, जैसे बेगूसराय में कैंसर अस्पताल और तीन महीने के भीतर पूर्णिया हवाई अड्डे का संचालन शुरू होना।
सुल्तानगंज और रक्सौल में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे विकसित किए जाएंगे, जबकि वाल्मीकिनगर, मुंगेर, सहरसा और मुजफ्फरपुर में छोटे हवाई अड्डे खोले जाएंगे। प्रमुख शहरों में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाए जाएंगे। बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य सुधार के लिए भी धन आवंटित किया गया है।
शिक्षा के अवसर बढ़ाने पर ज़ोर: 358 ब्लॉकों में डिग्री कॉलेज, बड़े उपखंडों में रेफरल अस्पताल और 108 केंद्रों में शहरी चिकित्सा सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। पिछड़े वर्गों और एससी/एसटी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति दोगुनी कर दी जाएगी ताकि शिक्षा के अवसर बढ़ाए जा सकें।
आर्थिक विकास पर ध्यान: आर्थिक सेवाओं के लिए 25 हजार 262 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है। राजकोषीय घाटा तीन प्रतिशत की निर्धारित सीमा के भीतर रहेगा। अगले साल का बजट इस साल के आवंटन से 38 हजार करोड़ रुपए अधिक है। नहर किनारे सोलर प्लांट लगाने के लिए 25 करोड़ रुपए का फंड निर्धारित किया गया है।
साइबर अपराध से निपटने के लिए डेटा सेंटर स्थापित किए जाएंगे। खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हर ब्लॉक में आउटडोर स्टेडियम बनाने की योजना है। छात्रों को आर्थिक रूप से मदद करने के उद्देश्य से बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को 1 हजार करोड़ रुपये के आवंटन से बढ़ावा मिला है।
क्षेत्रवार बजट आवंटन: शिक्षा विभाग को 60 हजार 974 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य विभाग को 20 हजार 335 करोड़ रुपये, सड़क को 17 हजार 908 करोड़ रुपये, गृह विभाग को 17 हजार 831 करोड़ रुपये, ग्रामीण विकास को 16 हजार 43 करोड़ रुपये, ऊर्जा को 13 हजार 484 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सरकार 2819 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाने की योजना बना रही है, जिसमें से 1600 करोड़ रुपए केंद्र को देने हैं।
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयासों के तहत प्रमुख शहरों में महिला चालकों और कंडक्टरों द्वारा संचालित पिंक बसें चलाई जाएंगी। यह व्यापक बजट चुनाव से पहले प्रमुख सामाजिक मुद्दों पर ध्यान देने के साथ-साथ सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास के प्रति बिहार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।












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