Jyoti Singh: मेरे पति को 'नचनिया' कैसे कहा? खेसारी पर भड़कीं ज्योति सिंह, जमकर सुनाई खरी-खोटी
Jyoti Singh: बिहार चुनाव में इस वक्त 'नचनिया' शब्द ह़ॉट टॉपिक बना हुआ है, वजह है डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का एक्टर-सिंगर खेसारीलाल यादव के लिए इस शब्द का प्रयोग करना। आपको बता दें कि खेसारी छपरा से चुनाव लड़ रहे हैं, वो राजद के टिकट पर चुनावी दंगल में उतरे हैं, जिस पर तंज कसते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा था कि 'आज कल नचनिया लोग भी इलेक्शन लड़ लेते हैं।'
जिस पर बवाल मच गया, खेसारी ने इस पर पलटवार करते हुए भाजपा में भी तो पवन सिंह जैसे 'नचनिया' हैं, जिस पर अब उनकी पत्नी ज्योति सिंह नाराज हो गई हैं। न्यूज 18 से बात करते हुए ज्योति सिंह ने कहा कि खेसारी लाल को इस तरह के शब्दों का प्रयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए।'

'वो उन्हें तो बड़े भैया बोलते हैं लेकिन इस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। वो मेरे पति को नचनिया कैसे कह सकते हैं? विडंबना देखिए, आज उन्हें भी अपनी रैलियों में भीड़ जुटानी होती है, तो मेरे पति के ही गाने बजाने पड़ते हैं।'
पवन सिंह आज भी मेरे पति हैं: Jyoti Singh
उन्होंने आगे कहा कि 'भले ही मेरे पति से रिश्ते जो भी हो लेकिन वो मेरे आज भी पति ही हैं, समाज में मैं उन्हीं के नाम से जानी जाती हूं, हमारा तलाक का केस जरूर चल रहा लेकिन तलाक हुआ नहीं है, मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि ये तलाक ना हो इसलिए अगर कोई उनके लिए कुछ गलत शब्दों का प्रयोग करेगा तो मैं बर्दाश्त नहीं करूंगी।'
'खेसारी लाल ने सभी कलाकारों का अपमान किया' (Jyoti Singh)
'उन्होंने (पवन सिंह) ने हर चीज बड़ी मेहनत से हासिल की है, सब उनकी तपस्या का फल है, ऐसे कोई आकर उनके बारे में कैसे बोल सकता है, खेसारी लाल ने उनका ही नहीं सभी कलाकारों का अपमान किया है।'
'पवन भैया को मामला शांति से सुलझा लेना चाहिए'
आपको बता दें कि जब पवन सिंह ने ज्योति सिंह के मुद्दे पर पीसी की थी, तो खेसारी लाल यादव ही थे, जिन्होंने ज्योति सिंह का खुलकर समर्थन करते हुए कहा था कि 'पवन भैया को मामला शांति से सुलझा लेना चाहिए। ज्योति भाभी चिंता ना करो, ये देवर आपके साथ हमेशा रहेगा।' लेकिन उनकी भाभी उनके बारे में ऐसी प्रतिक्रिया देंगी, ये शायद उन्होंने सपने में सोचा नहीं होगा।
अक्षरा सिंह मेरा दर्द समझती है: Jyoti Singh
ज्योति सिंह ने बताया कि 'उन्होंने कई बड़ी पार्टियों से टिकट मांगा था, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। इसके बाद उन्होंने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया। अक्षरा सिंह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, उन्होंने भी वही सब झेला है जो मैं झेल रही हूं, इसलिए वह मेरा दुख अच्छे से समझती हैं।'












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