क्या है IRCTC Hotel Scam केस? लालू यादव को हाई कोर्ट से बड़ा झटका,अगर दोषी ठहराए गए तो कितनी होगी जेल?
IRCTC Hotel Scam Case: दिल्ली हाई कोर्ट से आरजेडी सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को बड़ा झटका लगा है। चर्चित IRCTC होटल घोटाला केस में कोर्ट ने फिलहाल ट्रायल पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
इसका मतलब साफ है कि अब यह मामला निचली अदालत में आगे बढ़ेगा। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर यह IRCTC होटल घोटाला है क्या, इसमें लालू यादव पर आरोप क्या हैं और अगर दोष सिद्ध हुआ तो उन्हें कितनी सजा हो सकती है।

🟡 क्या है IRCTC Hotel Scam घोटाला? (What is IRCTC Hotel Scam Case)
IRCTC होटल घोटाला उस दौर से जुड़ा है जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 के बीच केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। सीबीआई के मुताबिक, इसी दौरान भारतीय रेलवे की कैटरिंग और टूरिज्म इकाई IRCTC के तहत आने वाले रांची और पुरी स्थित बीएनआर होटल्स की लीज प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं की गईं।
जांच एजेंसी का आरोप है कि होटल लीजिंग का ठेका नियमों को दरकिनार करते हुए मेसर्स सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया। कंपनी के मालिक विजय और विनय कोचर बताए जाते हैं। आरोप है कि इस सौदे के बदले लालू यादव के परिवार को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
🟡 CBI का आरोप क्या है?
CBI की एफआईआर के मुताबिक, होटल लीज देने की प्रक्रिया में न तो पारदर्शिता रखी गई और न ही तय नियमों का पालन किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इसके बदले में लालू यादव के परिवार से जुड़े लोगों को आर्थिक फायदा मिला।
इस केस में लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव समेत कुल 14 लोगों को आरोपी बनाया गया है। सीबीआई का कहना है कि यह पूरा मामला आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार का है।
🟡 निचली अदालत ने किन धाराओं में तय किए आरोप?
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 13 अक्टूबर को इस मामले में गंभीर धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। इनमें शामिल हैं:
- IPC की धारा 420 - धोखाधड़ी
- IPC की धारा 120B - आपराधिक साजिश
- भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13(2)
- निचली अदालत ने माना कि आरोपियों के खिलाफ ट्रायल चलाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं।
🟡 दिल्ली हाई कोर्ट में क्या हुआ?
सोमवार, 5 जनवरी को दिल्ली हाई कोर्ट में लालू यादव की याचिका पर सुनवाई हुई। लालू यादव ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी थी और आरोप तय किए जाने को रद्द करने की मांग की थी।
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने इस मामले में CBI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हालांकि, कोर्ट ने साफ कर दिया कि फिलहाल ट्रायल पर कोई रोक नहीं लगेगी। अब इस केस की अगली सुनवाई 14 जनवरी 2026 को होगी।
🟡 लालू यादव की ओर से क्या दलील दी गई?
लालू यादव की तरफ से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने अदालत में दलील दी कि निचली अदालत ने बिना ठोस आधार के यांत्रिक तरीके से आरोप तय कर दिए।
उनका कहना था कि होटल लीजिंग से जुड़े फैसले IRCTC बोर्ड ने लिए थे, न कि रेल मंत्री के स्तर पर कोई सीधा हस्तक्षेप हुआ। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि लालू यादव के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि वह सीबीआई का जवाब सुनने के बाद ही आगे कोई फैसला लेगी। फिलहाल ट्रायल को आगे बढ़ने दिया जाएगा। यानी लालू यादव और अन्य आरोपियों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं।
🟡 अगर दोषी पाए गए तो कितनी हो सकती है सजा?
अगर IRCTC होटल घोटाला मामले में लालू यादव दोषी ठहराए जाते हैं, तो उन्हें गंभीर सजा का सामना करना पड़ सकता है।
IPC धारा 420 (धोखाधड़ी)
अधिकतम 7 साल की जेल और जुर्माना
IPC धारा 120B (आपराधिक साजिश)
मूल अपराध की सजा के बराबर दंड
भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम धारा 13(2)
न्यूनतम 4 साल और अधिकतम 10 साल की जेल, साथ में जुर्माना
यानी दोष सिद्ध होने पर लालू यादव को लंबे समय तक जेल जाना पड़ सकता है।
🟡 क्यों अहम है यह मामला?
IRCTC होटल घोटाला सिर्फ एक कानूनी मामला नहीं, बल्कि इसका राजनीतिक असर भी बड़ा है। तेजस्वी यादव बिहार की राजनीति में अहम भूमिका निभा रहे हैं और ऐसे समय में यह केस आरजेडी के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। अब सबकी नजरें 14 जनवरी 2026 की सुनवाई पर टिकी हैं, जब दिल्ली हाई कोर्ट तय करेगा कि यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ेगा।












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