Gopalganj RJD उम्मीदवार की मतगणना के बाद भी बढ़ सकती है मुश्किलें, जानिए क्यों ?
Gopalganj RJD : वरिष्ट वकील एसडी संजय ने शपथ पत्र कई बातों को छिपाने की बात को नामांकन को चुनौती का आधार बताया है। इन्ही बातों के मद्देनज़र पटना हाईकोर्ट में रिट दाखिल की गई है। वहीं याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि इस...
Gopalganj RJD: बिहार में दो विधानसभा सीटों पर मतदान जारी है, लेकिन गोपालगंज विधानसभा सीट से राजद उम्मीदवार की मुश्किलें अभी भी खत्म नहीं हुई है। चुनाव के नतीजे आने के बाद भी उनकी मुश्किले बढ़ सकती है। अगर राजद उम्मीदवार जीत भी दर्ज करतें हैं तो उनकी सदस्यता रद्द होने की संभावना जताई जा रही है। आइए विस्तार से जानते हैं कि पूरा मामला क्या है ? दरअसल बिहार में उपचुनाव से पहले मंगलवार को पटना हाईकोर्ट रिट दाखिल किया गया है। जिसमें गोपालगंज से राजद उम्मीदवार मोहन गुप्ता के नामांकन के खिलाफ आपत्ति दर्ज की गई है।
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राजद उम्मीदवार मोहन गुप्ता के नामांकन को चुनौती मामले में जस्टिस मोहित कुमार शाह की सिंगल बेंच में बुधवार को सुनवाई हुई। चुनाव आयोग और याचिकाकर्ता के वकील की दलील को हाईकोर्ट ने सुना और सुनवाई आगे बढा दी। वहीं सुनवाई के दौरान कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस तरह के मामले में पहले दिए गए फ़ैसले दोनों पक्षों को हाइकोर्ट के सामने रखना होगा। उसके बाद तय किया जाएगा कि नामांकन को चुनौती देने वाला मामले पर सुनवाई की जा सकती है या नहीं।
गोपालगंज राजद प्रत्याशी मोहन गुप्ता के नामांकन को हाइकोर्ट में चुनौती देते हुए दीपू कुमार सिंह ने रिट दाखिल की थी। वही दीपू कुमार की तरफ़ कोर्ट में रक्ष रख रहे वकील ने कहा कि राजद पत्याशी पर तीन मुख्य बातों को छिपाने का आरोप है। उन्होंने कहा कि राजद उम्मीदवार ने अपने ऊपर दर्ज आपराधिक मुकदमों का ज़िक्र नहीं किया है। वहीं उन्होंने कंपनी में निदेशक और पार्टनर वाली बात छिपाई है। इसके अलावा मोहन गुप्ता ने फॉर्म सी-4 और सी-5 में भी ग़लत जानकारी मुहैय्या की है।
वरिष्ट वकील एसडी संजय ने शपथ पत्र कई बातों को छिपाने की बात को नामांकन को चुनौती का आधार बताया है। इन्ही बातों के मद्देनज़र पटना हाईकोर्ट में रिट दाखिल की गई है। वहीं याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि इस मामले में जांच होनी चाहिए। वहीं अगर राजद उम्मीदवार चुनाव जीत गए तो उसे रद्द करने की मांग की है। इस मामले चुनाव आयोग के वकील ने कहा कि संविधान के मुताबिक रिट याचिका चुनाव के बाद मानी जाएगी, इसलिए मेंटेनेबल नहीं है। इसे रिट नहीं इलेक्शन पेटीशन कह सकते हैं। बहरहाल इस मामले को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है, मतगणना के बाद भी राजद उम्मीदवार पर कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
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