Gaya Town Election 2025: क्या BJP के प्रेम कुमार बनाएंगे 9वीं जीत का रिकॉर्ड? या RJD-कांग्रेस कर सकती है खेला
Gaya Town Assembly Election 2025: बिहार की राजनीति में ऐतिहासिक रूप से मजबूत मानी जाने वाली गया टाउन (गया शहर) विधानसभा सीट एक बार फिर चर्चा में है। यहां से बीजेपी के प्रेम कुमार आठ बार के विधायक रह चुके हैं और अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वह 9वीं बार जीतकर नया इतिहास रचेंगे, या राजद और कांग्रेस मिलकर उनके विजय रथ को रोकने में सफल होंगे?
प्रेम कुमार न सिर्फ गया शहर के सबसे लंबे समय तक विधायक रहे हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर एक मजबूत पकड़ और अनुभव भी रखते हैं। लेकिन इस बार उनके खिलाफ एंटी इंकंबेंसी, स्थानीय मुद्दे जैसे बेरोजगारी, ट्रैफिक, पानी की समस्या और कानून-व्यवस्था बड़ा फैक्टर बन सकते हैं।

गया सीट का राजनीतिक इतिहास
गया शहर सीट पर पहला चुनाव 1952 में हुआ था, जिसमें कांग्रेस के केशव प्रसाद ने जीत दर्ज की थी। उसके बाद कई दलों ने यहां अपनी पकड़ बनाने की कोशिश की।
- 1957: लतीफुर्रहमान (कांग्रेस)
- 1962: श्यामचरण भरथुआर
- 1967, 1969: गोपाल मिश्रा (जनसंघ)
- 1972: डॉ. युगल किशोर प्रसाद (कांग्रेस)
- 1977: सुशील सहाय (जनता पार्टी)
- 1980-1990: जय कुमार पालित (कांग्रेस)
- 1990-2020: प्रेम कुमार (BJP) ने लगातार 8 बार जीत दर्ज कर रिकॉर्ड बनाया।
2020 विधानसभा चुनाव का परिणाम
- प्रेम कुमार (BJP): 49.89% वोट
- अखुरी ओंकार नाथ (कांग्रेस): 41.02% वोट
- जीत का अंतर: 11,898 वोट
वोटर प्रोफाइल व जातीय समीकरण
- कुल जनसंख्या: 5 लाख से ज्यादा
- कुल मतदाता: 2.50 लाख से ज्यादा
- पुरुष मतदाता: लगभग डेढ़ लाख
- महिला मतदाता: लगभग डेढ़ लाख
- SC वोटर: लगभग 10%, इसके अलावा
मुस्लिम, कायस्थ, भूमिहार, दलित और ओबीसी वोट यहां अहम भूमिका निभाते हैं। गया शहर का जातीय समीकरण काफी विविध और जटिल है। यहां का चुनाव केवल एक पार्टी बनाम दूसरी पार्टी नहीं, बल्कि छवि, जातीय समीकरण और स्थानीय मुद्दों पर निर्भर करता है।
RJD और कांग्रेस की रणनीति
2025 के चुनाव को लेकर RJD और कांग्रेस प्रेम कुमार को हराने के लिए फिर से सक्रिय हो गए हैं। अगर महागठबंधन एक मजबूत चेहरा उतारता है और मुस्लिम-दलित-यादव वोटों का ध्रुवीकरण करता है, तो मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। 2020 में कांग्रेस ने यहां अच्छा प्रदर्शन किया था, और अगर इस बार RJD से तालमेल बनता है, तो सीट BJP के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
गया शहर सीट पर 2025 का चुनाव एकतरफा नहीं रहने वाला। प्रेम कुमार अपने लंबे कार्यकाल के चलते मजबूत दावेदार हैं, लेकिन जनता की उम्मीदें और बदलते सियासी समीकरण उनके लिए राह आसान नहीं बनाएंगे। महागठबंधन की रणनीति, RJD-कांग्रेस की सीट साझेदारी और नए चेहरों की एंट्री इस सीट को और ज्यादा रोचक और प्रतिस्पर्धात्मक बना रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications