Pitru Paksha 2023: तर्पण और कर्मकांड के लिए विदेशों से आ रहे श्रद्धालु, खूब भा रही भारतीय संस्कृति
Pitru Paksha 2023: बिहार का गया ज़िला में पर्यटन के ऐतबार से घूमने के लिए कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल मौजूद हैं। पूरे साल यहां विदेशों से घूमने आने वाले सैलानियों का तांता लगा रहता है। वहीं पितृपक्ष में कर्मकांड और तर्पण के लिए विदेशों से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है। यूक्रेन से एक महिला कर्मकांड करने पहुंची थी। इसके बाद जर्मनी से कई विदेशी श्रद्धालु गया के विष्णुपद मंदिर के पास देव घाट पर पिंडदान और कर्मकांड कर चुके हैं।
जर्मन भक्तों ने मुख्य रूप से अपने पति और यहां तक कि बेटे सहित परिवार के सदस्यों की दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए तर्पण अनुष्ठान किया है। यूक्रेन की महिला ने शनिवार (7 अक्टूबर) को रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में मारे गए सैनिकों और आम लोगों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया था।

बुधवार को रूस और यूरोपीय देशों के भारतीय संस्कृति की पारंपरिक पोशाक साड़ी पहने जर्मन महिलाएं नतालिया, स्वेतलाना, ऑक्साना, शासा, इरिना, मार्गेरिटा, ग्रिचकेविच और धोती पहने एकमात्र पुरुष केविन ने सक्रिय हिंदू जागरण समिति के प्रचारक लोकनाथ गौड़ दास के नेतृत्व में अनुष्ठान किया।
Recommended Video
लोकनाथ गौड़ ने कहा कि महिलाओं में पुरुषों की तुलना अधिक आस्था और विश्वास होता है। जर्मन महिलाओं में से एक वैलेंटाइन इसका उदाहरण है। जब उनके पति ने रुचि नहीं दिखाई, तो उन्होंने अपने बेटे के लिए अनुष्ठान करने के लिए गया आने का फैसला किया। उनका बेटा किशोरावस्था में ही दुनिया से चला गया था।
गया ज़िला पदाधिकारी गया डॉ. त्यागराजन एसएम ने कहा, विदेशी श्रद्धालुओं के लिए देव घाट पर पर्याप्त महिला दंडाधिकारी और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। पितृपक्ष के दौरान ज़िला प्रशासन द्वारा किये विभिन्न व्यवस्थाओं, साफ सफाई, मेडिकल फेसिलिटी, गर्व गृह में बिना रोक टोक दर्शन, अलग अलग स्थान पर पेयजल व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की प्रशंसा की।
जर्मन श्रद्धालुओं ने भी फल्गु नदी में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य और जिला प्रशासन की पहल की सराहना करते हुए कहा, हमने पढ़ा था कि फल्गु एक भूमिगत नदी है, जो बरसात के मौसम को छोड़कर सूखी रहती है। उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह एक अच्छी पहल है।
गया जी डैम बनाकर श्रद्धालुओं की इतनी बड़ी भीड़ के लिए पानी की व्यवस्था की गई। डैम में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन आभारी है।'' सभी विदेशी श्रद्धालुओं ने आज देवघाट पर तर्पण कर काफी खुशी का इज़हार किया है। आपको बता दें कि इस पितृपक्ष मेला में अब तक 35 से ऊपर विदेशी श्रद्धालुओं ने तर्पण कर्मकांड किया है।












Click it and Unblock the Notifications