Gaya Lok Sabha Seat: मांझी सरनेम फ़ैक्टर नहीं, जीत के लिए इन समुदाय के मतदाताओं का साथ ज़रूरी

Gaya Lok Sabha Seat:बिहार में लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र हॉट सीटों पर सियासी चर्चा तेज़ हो चुकी है। प्रदेश की सभी 40 सीटों राजनीतिक दलों ने जीत के लिए मंथन शुरू कर दिया है। वहीं प्रदेश की हॉट सीटों पर भी चर्चा तेज़ है। इसी क्रम में गया को भी बिहार की हॉट सूची में शामिल किया गया है।

वन इंडिया हिंदी की टीम ग्राउंड पर मतदाताओं के बीच माहौल जानने पहुंची। विभिन्न मुद्दों और जातीय समीकरण पर लोगों से बात की। आपको बता दें कि बिहार की आरक्षित सीटों में गया लोकसभा सीट भी शुमार है, जो कि साल 1952 में अस्तित्व में आया था।

Gaya Lok Sabha Seat Ground Report On RJD Kumar Sarvjeet HAM Jitan Ram Manjhi News

ग़ौरतलब है कि गया लोकसभा सीट पचास साल से भी ज्यादा समय से आरक्षित रही है। कांग्रेस ने पहली बार इस सीट (गया पूर्व) पर 1952 में जीत दर्ज की थी। इसके बाद प्रजा सोशलिस्ट पार्टी का 1952 में ही जीत का परचम लहराया था, फिर कांग्रेस ने भी जीत की हैट्रिक लगाई थी। सबसे नीचे गया लोकसभा सीट से जुड़ा इतिहास के लिए खबर लिंक की गई है, आप वहां डिटेल्स पढ़ सकते हैं।

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    इससे पहले आपको बताते हैं कि गया लोकसभा सीट पर मांझी समुदाय के साथ-साथ एससी,एसटी मतदाताओं का झुकाव जिस गठबंधन की तरफ़ होता है। जीत उसी दल की होती है। ग़ौरतलब है कि 1999 से लेकर 2019 तक लगातार 5 बार गया से मांझी सरनेम के प्रत्याशी ही जीत दर्ज करते आ रहे हैं।

    स्थानीय लोगों से जब सवाल किया गया कि क्या मांझी सरनेम जीत का एक पैमाना है, इस पर उन्होंने कहा कि मीडिया में यह चल रहा है कि मांझी सरनेम का जीतन राम मांझी को फ़ायदा मिल सकता है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। इससे पहले 13 बार जो सांसद बने उनका सरनेम तो मांझी नहीं था।

    भाजपा और जदयू (एनडीए गठबंधन) के प्रत्याशी को 9 बार जीता चुके हैं, लेकिन जिले का हाल वैसा ही है। विकास के नाम पर सिर्फ़ ठगने का काम किया गया है। इस बार चुनावी मैदान में इंडिया गठबंधन की तरफ़ से कुमार सर्वजीत हैं और एनडीए गठबंधन की तरफ़ से जीतन राम मांझी हैं।

    अपने समाज में बैठकर इस बार पार्टी विशेष छोड़कर व्यक्ति विशेष पर मतदान करने का सोचा है। क्योंकि जो हमारे बीच रहेगा वही हम लोगों की परेशानियों का हल निकालेगा। इसलिए इस बार हम लोग अपने समाज के बीच ही रहने वाले नेता को वोट करेंगे, ताकि जिले का विकास हो सके।

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