UP के गंगाजल से बदलेगी Bihar के किसान की तकदीर, इस योजना पर 500 करोड़ से ज़्यादा ख़र्च करेगी सरकार
Kakrait Ganga Udvah Yojana Bihar News: बिहार सरकार ज़मानिया के चक्का बांध के पश्चिमी किनारे पर एक नया पंप हाउस बनाने की योजना बना रही है। उत्तर प्रदेश से आने वाला गंगा का पानी बिहार के कैमूर जिले में कृषि परिदृश्य को बदलने वाला है। इससे 10.8 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन के ज़रिए पानी को ककरैत तक पहुँचाया जाएगा, जिससे स्थानीय फसलों की सिंचाई सुनिश्चित होगी।
बुनियादी ढांचा और निवेश: ज़मानिया-ककरैत गंगा उद्वह योजना पर लगभग ₹528.44 करोड़ खर्च होंगे। इस परियोजना का उद्देश्य बिहार की उपजाऊ भूमि तक गंगा का पानी पहुंचाना है, जिससे किसानों को काफी लाभ होगा। इस पहल के जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र के लिए बेहतर सिंचाई सुविधाओं का वादा किया जा सकेगा।

ककरैत के पास छह पंप और दो स्टैंड पंप लगाए जाएंगे, जिनमें से प्रत्येक की क्षमता 2500 हॉर्स पावर होगी। तीन स्थानों पर पानी वितरित करने के लिए वहां एक बहुउद्देशीय कुंड भी बनाया जाएगा। नहरों के माध्यम से अतिरिक्त वितरण के साथ, कर्मनाशा नदी और लारमा को आवश्यकतानुसार पानी की आपूर्ति की जाएगी।
कृषि पर प्रभाव: गंगा जल की शुरुआत से बिहार के रामगढ़, नुआंव और दुर्गावती ब्लॉकों में करीब 10,000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हो सकेगी। इस विकास से किसानों के लिए सिंचाई की चुनौतियों में कमी आने और ककरैत में निरंतर जल आपूर्ति सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
बिहार की भूमि में गंगा के पानी का निरंतर प्रवाह स्थानीय किसानों के लिए समृद्धि का वादा करता है। चूंकि सरकार इस परियोजना में करोड़ों का निवेश कर रही है, इसलिए कैमूर को जल्द ही एक प्रमुख चावल उत्पादक क्षेत्र के रूप में मान्यता मिल सकती है। रामगढ़ और दुर्गावती ब्लॉकों में उपजाऊ मिट्टी के बावजूद, अपर्याप्त सिंचाई ने इष्टतम फसल उत्पादन में बाधा उत्पन्न की है।
भविष्य की संभावनाएं: सिंचाई से जुड़ी इन समस्याओं को दूर करके बिहार सरकार का लक्ष्य कृषि उत्पादकता और किसानों की समृद्धि को बढ़ावा देना है। उत्तर प्रदेश से गंगा का पानी लाने का फैसला स्थानीय खेती की स्थिति में सुधार लाने और क्षेत्र के कृषि क्षेत्र के लिए सतत विकास सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बिहार सरकार का यह रणनीतिक कदम पानी जैसे आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर किसानों की आजीविका बढ़ाने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जैसे-जैसे यह परियोजना आगे बढ़ेगी, कैमूर जिले में कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।












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