शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की रामचरितमानस टिप्पणी विवाद का डैमेज कंट्रोल कर रहे JDU नेता, दिया ये बयान

शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की रामचरितमानस टिप्पणी विवाद मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं अब विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। इधर जदयू नेता डैमेज कंट्रोल की कोशिश कर रहे हैं।

Education minister Chandrshekhar statement on Ramcharitramanas Became political agenda


Bihar Politics: बिहार में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद बयानबाज़ी की वजह से जदयू नेता अकसर सवालों के घेरे में आते रहे हैं। वहीं अब बिहार के शिक्षा मंत्री द्वारा रामचरितमानस पर की गई टिप्प्णी से सियासी पारा चढ़ चुका है। एक तरफ विपक्षी दल के नेता सरकार पर निशाना साध रहे हैं। वहीं दूसरी ओर जदयू नेता रामचरितमानस टिप्पणी विवाद पर डैमेज कंट्रोल करने में जुटे हुए हैं। इस मामले में जदयू के दिग्गज नेता उपेंद्र कुशवाहा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की बयानबाज़ी से भाजपा को फायदा पहुंचेगा। उन्होंने जिस विषय पर कहा है वह भारतीय जनता पार्टी का अजेंडा है। बीजेपी के एजेंडे पर बोलने का मतलब उनकी पिच पर खेलना है। अगर हम वहां खेलते हैं, तो किसे फायदा होगा?

उपेंद्र कुशवाहा ने तो शिक्षा मंत्री के बयान मामले पर पॉलिश करने की कोशिश तो की ही, वहीं जदयू एमएलसी नीरज कुमार और पार्टी कार्यकर्ताओं ने पटना में हनुमान मंदिर के बाहर रामचरितमानस का पाठ भी किया। उन्होंने कहा कि "मैं यहां भक्ति के लिए आया हूं, मैं सिर्फ इतनी सी गुज़ारिश करना चाहता हूं कि, डॉ राम मनोहर लोहिया, डॉ बीआर अंबेडकर और महात्मा गांधी के शब्दों और कार्यों को याद करके राम और रहीम की इज्जत करें।

सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले दिल्ली के वकील विनीत जिंदल ने बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के खिलाफ दिल्ली पुलिस के में शिकायत दर्द करवाई है। उन्होंने कहा कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153A, 153B, 295, 298 और 505 के तहत शिक्षा मंत्री ने अपराध किया है। मंत्री पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं कुमार विश्वास ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ने कहा कि आदरणीय नीतीश कुमार जी, भगवान शंकर के नाम को निरर्थक कर रहे आपके अशिक्षित शिक्षा मंत्री जी को शिक्षा की अत्यंत-अविलंब आवश्यकता है। आपका मेरे मन में अतीव आदर है, इसलिए इस दुष्कर कार्य के लिए स्वंय को प्रस्तुत कर रहा हूं। इन्हें अपने राम सत्र में भेजें ताकि इनका मनस्ताप शांत हो।

बिहार के शिक्षामंत्री द्वारा दिए गए इस बयान के बाद अब अयोध्या के संत जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। संत जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने ऐलान करते हुए कहा कि जो भी बिहार के शिक्षामंत्री की जीभ काटेगा, उसको वह 10 करोड़ रुपए इनाम में देंगे। आपको बता दें कि बिहार के पटना में स्थित नालंदा ओपन विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह मे बोलते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि रामचरित मानस लोगों को बांटने वाला ग्रंथ है। जिस तरह से उन्होंने यह बयान दिया है उसको लेकर अब उनका काफी विरोध हो रहा है। जब चंद्रशेखर से उनके दिए गए बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मनुस्मृति में समाज के 85 फीसदी तबके खिलाफ अभद्र बात कही गई है। रामचरित मानस के उत्तरकांड की बात करें तो इसमे लिखा है कि नीच जाति के लोग शिक्षा ग्रहण करने के बाद सांप की तरह जहरीले हो जाते हैं, ऐसे में यह ग्रंथ नफरत फैलाने वाला है।

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