Cyber Scam: सोशल मीडिया पर डालता था लोन संबंधित विज्ञापन और बना लेता था शिकार
पिंटू कुमार और टिंकू कुमार दोनों भाई के पास से 3 मोबाइल, फ़र्ज़ी लोन मंजूरी सर्टिफिकेट, 19 पैन कार्ड, एटीएम कार्ड भी बरामद किया है। इसके अलावा साइबर ठग गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी पुलिस ने मामला दर्ज कर...
नालंदा, 23 सितंबर 2022। बिहार में इन दिनों साइबर अपराध की वारदातें बढ़ रही है। प्रदेश के विभिन्न ज़िलों में साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी भी हो रही है। इसी क्रम में राजगीर पुलिस ने दो साइबर ठगों को गिरफ़्तार किया है। मिली जानकारी के मुताबिक यह साइबर ठग सोशल मीडिया पर लोन संबंधित विज्ञापन डालता था। उसके बाद वह लोगों को ठगी का शिकार बनाता था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजगीर थाना क्षेत्र के पंडितपुर मोहल्ला से दो आरोपियों का गिरफ्तार किया है।

ठग गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पिंटू कुमार और टिंकू कुमार दोनों भाई के पास से 3 मोबाइल, फ़र्ज़ी लोन मंजूरी सर्टिफिकेट, 19 पैन कार्ड, एटीएम कार्ड भी बरामद किया है। इसके अलावा साइबर ठग गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, और उनकी तलाशी में जुट गई है। राजगीर थानाध्यक्ष मो. मुश्ताक अहमद मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक अशोक मिश्रा ने निर्देश जारी किया था। एसपी के निर्देश पर प्रदीप कुमार (अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, राजगीर) के नेतृत्व में कार्रवाई की गई।

सोशल मीडिया के सहारे ठगी
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि यह ठग सोशल मीडिया पर धानी फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड और धानी इंस्टेंट पर्सनल लोन के नाम पर ठगी करते थे। यह ठग सोशल मीडिया पर लोन संबंधित विज्ञापन देकर ठगी करते थे। विज्ञापन देख कर जैसे ही ग्राहक लोन लेने के लिए ठगों को फोन करते थे तो उनसे आधार कार्ड और पैन कार्ड मांगता था। उसके बाद फ़र्ज़ी लोन अप्रूवल लेटर भेज दिया करता था। फिर रिफंडेबल प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर 1200 से 2500 रुपये तक की मांग कर ठगी कर लेता था।

पटना में बैठकर अमेरिका में लगाया चूना
बिहार की राजधानी पटना से भी साइबर ठगी का मामला सामने आ चुका है। यहां से साइबर क्राइम कर ठगी अमेरिका के लोगो को शिकार बना रहा था। पुलिस की मानें तो एक-एक बार 9 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी कर रहे थे। अमेरिकन करंसी वैल्यू में 15 हज़ार डॉलर का एक बार में चूना लगा रहे थे। यह लोग अमेरिका के लोगों के कंप्यूटर और लैपटॉप में मालवेयर या रैनसमवेयर डाल देते थे। उसके बाद उसे सही करने के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे।

अंग्रेज़ी में बात कर ठगी
पुलिस की मानें तो साइबर ठग दो तरीके से अपने काम को अंजाम दे रहे थे। पहला तो उन लोगों ने अमेरिका के लोकल केनक्शन के ज़रिए वह विभिन्न अमेरिकन बैंकों में ठगी के रुपये लेते थे। वहीं दूसरे तरीक़ा बंद लिफाफे में कैश रुपये कूरियर कंपनी की मदद से लोकत पते पर मंगवाते थे। इंटरनेशनल साइबर ठगी मामले पटना पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि यह ठग काफी शिक्षित हैं। अमेरिकन लोगों से अंग्रेजी में बात कर ठगी कर रहे थे।

पुलिस ने हिरासत में लिया
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि 17 सितंबर को दीघा थाना पुलिस टीम सुबह 7 बजे के क़रीब गश्ती कर रही थी। इसी दौरान कुर्जी में तीन शातिर संदिग्धों को पुलिस ने एशियन हॉस्पिटल के पास पकड़ा था। हिरासत में लिए गए आरोपियों की तलाशी के दौरान जब पुलिस ने मोबाइल डिटेल्स निकाला तो कॉल सेंटर से जुड़ी जानकारियां मिली। जिसके बाद सभी सदिंग्धों को दीघा थाना लाया गया और उनसे पूछताछ शुरू की गई।
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