सीएम नीतीश कुमार को गाली देकर, नीलम देवी को मंत्री बनाने का अनंत सिंह बना रहा दवाब- अमिताभ दास
Amitabh Das On Bihar Politics: बिहार में बदल रहे सियासी समीकरणों पर पूर्व IPS अमिताभ दास ने वन इंडिया हिंदी से खास बातचीत की और प्रदेश की सियासी चर्चाओं पर बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय सूत्र से पता चला है कि अनंत सिंह ने जेल से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कॉल कर गाली गलौज़ किया। इतना ही नहीं सरकार गिराने की धमकी देते हुए अपनी पत्नी नीलम देवी को मंत्री पद दिलवाने की मांग भी की।
पूर्व IPS अमिताभ दास ने कहा की मेरे हर सूत्र हैं, उनसे मुझे पक्की ख़बर मिलती है। मेरे सूत्र ने बताया कि जेल से अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कॉल कर गाली देते हुए अपनी पत्नी विधायक नीलम देवी को मंत्री बनाने की मांग की। उन्होंने धमकी दी की अगर उनकी पत्नी को मंत्री पद नहीं मिला तो सरकार गिरा देंगे।

बाहुबली अनंत सिंह के कॉल के बाद से सीएम नीतीश कुमार सहमे हुए हैं, संभावना है कि जल्द ही विधायक नीलम देवी को राजभवन बुलाकर मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। अमिताभ दास ने कहा कि नीलम देवी पैतरेबाज़ी कर दवाब बनाती हुई नज़र आती हैं, कि अगर मंत्री नहीं बनाया गया तो वह दूसरी पार्टी में शामिल हो जाएंगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है, यह एक सियासी ड्रामा है।
अमिताभ दास ने कहा कि बिहार के कैसे हालात हो गए हैं, जेल में माफिया सरगना को मोबाइल सुविधा मिल रही है। जेल से माफियाओं का गैंग संचालित किया जा रहा है, जो कि नहीं होना चाहिए। जेल से मुख्यमंत्री को धमकी मिल रही है, पत्नी को मंत्री बनाने का दवाब बनाया जा रहा है।
बिहार सरकार का संचालन अगर बेउर जेल से हो, तो प्रदेश सरकार के लिए इससे ज़्यादा शर्म की बात और क्या हो सकती है? बिहार में खुलेआम माफिया राज चल रहा है, यह बहुत ही दुख की बात है। अमिताभ दास ने कहा कि सीएम चाहे तो मिनटों में प्रदेश की व्यवस्था को सुधार सकते हैं, लेकिन इसके लिए दमदार मुख्यमंत्री होना चाहिए।
सीएम नीतीश कुमार दमदार मुख्यमंत्री नहीं है, अगर वह वज़नदार मुख्यमंत्री होते तो अनंत सिंह के सामने चौकीदार की तरह हाथ जोड़ कर खड़े नहीं रहते। नीतीश कुमार कुर्सी की ख़ातिर कैसे-कैसे लोगों के सामने हाथ जोड़ते आ रहे हैं, यह बात किसी से छुपी नहीं है।
बेउर जेल में अनंत सिंह के गुर्गे ने जेल कर्मियों के साथ काफी मारपीट की, सरकार चाहती तो सख्त क़दम उठा सकती थी। लेकिन ऐसा कोई ठोस क़दम नहीं उठाया गया। जेल प्रशासन ने अनंत सिंह समेत कई के खिलाफ बेउर थाना में प्राथमिकी दर्ज करवाई है। अनंत सिंह नामजद अभियुक्त है, अगर प्रदेश में दमदार सीएम होता तो अनंत सिंह को यहां से तिहाड़ जेल भेज दिया जाता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
बिहार में अनंत सिंह 'छोटे सरकार, मंझले सरकार' सरकार बना हुआ है, तिहाड़ जेल में उसे अपनी औकात पता चल जाएगी। उसे तिहाड़ जेल भेजना चाहिए, लेकिन सीएम नीतीश कुमार तो कुर्सी की लालच में इतने लाचार हैं, उन्हें गाली तक सुनना पड़ा रहा।












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