CM Nitish Cabinet Meeting: न्यायिक सेवा बहाली में EWS आरक्षण के साथ ही, इन प्रस्तावों पर लगी मुहर
CM Nitish Kumar, Cabinet Meeting News: लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनज़र सियासी पार्टियां मतदाताओं को लुभाने की रणनीति बनाने में जुटी हुईं हैं। वहीं बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी चुनावी ज़मीन मज़बूत करने की क़वायद तेज़ कर चुके हैं। जनता को लुभाने के लिए सीएम नीतीश कुमार की कैबिनेट बैठक में लगातार अहम प्रस्तावों पर मुहर लग रही है।
मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की मीटिंग हुई, जिसमें कई अहम फ़ैसले लिए गए। बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 14 प्रस्तावों पर मुहर लगी है, इसके तहत प्रदेश में नाबार्ड की मदद से 100 पशु चिकित्सालय बनाए जाएंगे।

कैबिनेट की बैठक में पशु चिकित्सालय भवन निर्माण के लिए 107.69 करोड़ रुपये की राशि मंज़ूर हुई है। वहीं राज्य न्यायिक सेवा बहाली में अब अभ्यर्थियों को EWS आरक्षण का भी फ़ायदा मिलेगा। इसके अलावा जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में 30, परिवहन विभाग में 35, इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी में 16 नए पदों पर बहाली की जाएगी।
प्रमंडल स्तरीय मोटर वाहन दुर्घटना कम करने के लिए 35 पदों पर (बिहार मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण गठन और शिव शर्त नियमावली 2023) नियुक्ति है। इसके तहत अध्यक्ष, अपर जिला परिवहन पदाधिकारी, उच्च वर्गीय लिपिक, निम्न वर्गीय लिपिक और आशुलिपिक के 7-7 पदों पर नियुक्ति होगी।
नाबार्ड की मदद से राज्य स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र, जिला संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण किया जाएगा। इस बाबबत 225 करोड़ रुपये की राशि मंज़ूर की गई बै। राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, पॉलिटैक्निक संस्थान, प्रयोगशाला सहायक संवर्ग नियमावली में संशोधन को भी मंज़ूरी दी गई है।
उच्च न्याय सेवा और असैनिक सेवा पदों की भर्ती नियमावली में भी बदलाव हुआ है। राज्य न्यायिक सेवा में माली (आर्थिक) तौर पर कमज़ोर वर्ग के लोगों 10 फीसद आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। इस बाबत बिहार उच्च न्यायालय सेवा संशोधन नियमावली 2023 और बिहार सैनिक सेवा न्याय शाखा भर्ती संशोधन 2023 को मंज़ूरी मिल गई है।
दलसिंहसराय (समस्तीपुर) में रेलवे की लेवल क्रॉसिंग नंबर 32-A, रेलेव ओवर ब्रिज का निर्माण होगा। इसके लिए 1.35 करोड़ रुपये की राशि मंज़ूर हुई है। वहीं राघवेंद्र त्रिपाठी (तत्कालीन ग्रामीण विकास पदाधिकारी, । नरकटियागंज) को भ्रष्टाचार के आरोप में अनिवार्य सेवानिवृत्त कर दिया गया। वह प्रखंड विकास पदाधिकारी के सह प्रभार की ज़िम्मेदारी संभाल रहे थे, उन पर अपने पद के दुरुपयोग का आरोप लगा था।












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