Caste Census In Bihar: Video Call के ज़रिए भी होगी गणना, किसके लिए की गई है ख़ास पहल?
Caste Census Bihar: जाति आधारित गणना के दूसरे चरण का काम शुरू हो चुका है। रिश्ते, सामान और आय को भी कोड से जाना जाना जाएगा।

Caste Census In Bihar: जातीय जनगणना के दूसरे चरण का काम शुरू हो गया है। ग़ौरतलब है कि 15 से ज्यादा सदस्यों वाले परिवार के लोगों को दो प्रपत्र दिए जा रहे हैं। दूसरे पपत्र में पंद्रह सदस्यों के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों की जानकारी देना ज़रूरी है।
जातीय जनगणने के पहले चरण में बिहार और भारत के बाहर रहने वाले बिहार वासियों के गणना का कोई प्रावधान नहीं था, लेकिन दूसरे फेज में यह मुमकिन है। प्रदेश और देश से बाहर रहने वाले बिहार वासियों के लिए वीडियो कॉल का प्रावधान किया गया है।
बिहार से बाहर रहने वाले बिहारवासियों को जातीय जनगणना में शामिल करने के लिए उनके परिवार से जानकारी ली जाएगी और वीडियो कॉल के जरिए उनकी जानकारी जाति आधारित जनगणना की लिस्ट में जोड़ा जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि जातीय गणना काम 15 मई तक पूरा कर लिया जाएगा ।
बिहार में अब अंक से जाति की भी पहचान होगी, किसकी कौन सी जाति है, यह अब अंकों के ज़रिए पता चलेगा। जाति आधारित गणना के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है। हर जाति को के लिए अलग-अलग कोड तय किए गये है।
जाति के कोड के बाद बिहार में रिश्तेदारी को भी अंक से जाना जाएगा। परिवार के बेटा,बेटी, बहू, दामाद, नाती, नातिन जैसे कई और रिश्तों के लिए भी कोड तय किया गया है। इन सबके अलावा मासिक आय और सामान जैसे लैपटॉप बाइक आदि के लिए भी कोड तय किए गये हैं।
जातीय आधारित जनगणना को लेकर आम लोगों का कहना है कि सरकार ने कोड में ही उलझा दिया है। हर चीज़ के लिए कोड निर्धारित करने में समय बर्बाद करने से अच्छा है कि बिहार में विकास के लिए रणनीति बनाई जाए। बिहार के विकास की बातों को छोड़कर दूसरी चीज़ों पर चर्चा ज़्यादा होती है। इसलिए सरकार को चाहिए कि स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को कम से कम दुरुस्त किया जाए।
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