BPSC TRE Result: शिक्षकों की बहाली पर उठे सवाल, परिणाम को लेकर छिड़ी ये बहस, जानिए पूरा मामला
Bihar News, BPSC TRE Result Update: बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद, नई भर्ती के लिए नोटिफिकेशन को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। इस पूरे मामले में पूर्व आईपीएस अमिताभ दास ने वन इंडिया हिंदी से ख़ास बातचीत की, उन्होंने शिक्षक भर्ती रिज़ल्ट और नई भर्ती के लिए नोटिफिकेशन पर बेबाकी से अपनी बात रखते हुए इसे आंकड़ों की बाज़ीगरी बताया है।
पूर्व आईपीएस अमिताभ दास ने कहा कि जब शिक्षक नियमावली बनी थी, तो कहा गया था 1 लाख 70 हज़ार 461 खाली पदों को भरा जाएगा। एक उम्मीद जगी थी कि बहुत से लोगों को रोज़गार मिल जाएगा। लेकिन शिक्षक भर्ती परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद गड़बड़ घोटाला सामने आ रहा है।

बिहार सरकार ने जब भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला था तो, कहा गया था कि एक अभ्यर्थी का एक रिज़ल्ट होगा, लेकिन अभी कई ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने प्राथमिक, मध्य और उच्च माध्यमिक शिक्षकों की भर्ती परीक्षा पास कर ली है। जो तीनों भर्ती परीक्षा पास कर चुके हैं, वह तो किसी एक ही जगह योगदान देंगे। तीनों जगह उनका योगदान देना मुमकिन नहीं है।
3 जगह सेलेक्शन हुआ, एक जगह योगदान देंगे। इसका मतलब तो यह है कि 2 पद तो रिक्त हैं। बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने बिहार में नौकरियों का अंबार लगने को लेकर ट्वीट किया है। उन्होंने वहीं आंकड़े गिनाए हैं, कि 1 लाख 22 हज़ार 324 लोगों को नौकरी मिली है। यह बहुत ही बड़ा झूठ है, इतने लोग तो ज्वॉइन कर ही नहीं रहे हैं। इतने लोगों का रिजल्ट घोषित हुआ है, इसमे से तो सभी लोग हर पद ज्वाइन नहीं करेंगे।
एक अभ्यर्थी तो एक ही जगह ज्वॉइन कर सेवा देंगे, उदाहरण के तौर पर तीनों (प्राथमिक, मध्य और उच्च माध्यमिक) भर्ती परीक्षा पास कर ली। अभ्यर्थी तो एक है, वह किसी एक ही पोस्ट पर सेवा देगा। तो ऐसे में सरकार का ये दावा करना कि 1 लाख 22 हज़ार 324 लोगों को नौकरी मिलने का दावा करना ग़लत है।
BPSC को पहले ही यह करना चाहिए था कि एक अभ्यर्ती को एक ही जगह कामयाब घोषित किया जाए, जो कि नहीं हुआ। वहीं इस पूरी बहाली में बड़ी तादाद में नियोजित शिक्षकों का चयन हुआ है, करीब 40 हज़ार नियोजित शिक्षक बहाल हुए हैं। इसका मतलब है कि फ्रेशर युवाओं का हक मारा गया, क्योंकि नियोजित शिक्षक तो पहले से नौकरी कर रहे हैं।
बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव भी अपनी पीठ ख़ुद थपथपा रहे हैं। अभी हर चीज़ को चुनावी चश्मे से देखा जा रहा है। 1 लाख 22 हज़ार 324 लोगों के जो रिज़ल्ट आए हैं, इसमें हज़ारों सीटें खाली रह जाएंगी। BPSC ने खुद इस बात को कबूला है कि 4 हज़ार 800 अभ्यर्थी भाषा वाले पेपर में फेल हैं। उनका काउंसलिंग तो नहीं होगी। कई ऐसे हैं जो CTET में पास ही नहीं हुए हैं।
2 नवंबर को काउसलिंग को लेकर कहा कि दूसरे राज्यों से भी अभ्यर्थी परीक्षा देने आए थे, त्योहार का सीज़न है। ट्रेन में टिकट मिलना मुश्किल है, ऐसे में कई अभ्यर्थी तय समय पर नहीं पहुंच पाएंगे। 1 नवंबर को शिक्षा विभाग और BPSC की बैठक होने वाली है। इसमें दूसरी मेरिट लिस्ट जारी होने की संभावना है। इससे भी कई अभ्यर्थियों को राहत मिल सकता है।












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