Bihar Politics: चिराग से असहज हुई BJP, चाचा के ज़रिए भतीजा को काबू करने की चल रही तैयारी!
Bihar BJP Politics: बिहार के लोकसभा चुनाव परिणाम में लोजपा (र) के सौ फीसदी स्ट्राइक रेट के बाद चिराग पासवान का कद एनडीए काफी बढ़ चुका है। मोदी कैबिनेट में मंत्री पद भी दिया गया। एनडीए की सहयोगी दलों में शामिल लोजपा (र) अध्यक्ष चिराग पासवान केंग्र सरकार के कई फ़ैसलों पर सवाल उठा चुके हैं।
सियासी गलियारों में यह चर्चा है कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की बयानबाज़ी से अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) असहज होने लगी है। इसलिए उसे काबू करने के लिए पशुपति पारस को अहम ज़िम्मेदारी दी सकती है। बिहार की सियासत से एनडीए में दरकिनार कर दिए गए पशुपति पारस के ज़रिए चिराग पासवान को कंट्रोल करने की रणनीति बनाई जा रही है।

पशुपति पारस को किसी ज़रूरी केंद्रीय बोर्ड के अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी या फिर किसी प्रदेश का राज्यपाल बनाया जा सकता है। भाजपा अगर पारस को अहम जिम्मेदारी देती है, तो इससे उनका कद बढ़ेगा और वह सियासी एतबार से चिराग पासवान के बराबर खड़े हो जाएंगे। इसके साथ ही भाजपा पारस के ज़रिए चिराग पासवान को कंट्रोल करने में कामयाब हो जाएगी।
आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से लोजपा (र) अध्यक्ष चिराग पासवान केंद्र सरकार के कई फ़ैसले (वक्फ बोर्ड बिल, सरकारी नौकरी में लैटरल एंट्री) और सुप्रीम कोर्ट के अनुसूचित जाति और जनजाति कोटा के फ़ैसले के खिलाफ में बयान दिया था।
चिराग पासवान के इन सब मुद्दो पर बयानबाज़ी से भाजपा असहज होने लगी थी। इसलिए भाजपा ने चिराग को कंट्रोल करने के लिए चाचा और भतीजे की अदावत को हथियार बनाते हुए सियासी माइलेज लेने की तैयारी में है। पारस का कद बढ़ाने के साथ ही चिराग को यह साफ संदेश देने की कोशिश है कि केंद्र सरकार के फैसले पर गठबंधन के विरोध में बयानबाज़ी नहीं करें।












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