'डॉगेश बाबू' के बाद बिहार में मिले ‘कैट कुमार’, पिता का नाम ‘कैटी बॉस’, मां ‘कैटिया देवी’! जानें पूरा मामला
Bihar Cat Kumar Viral News: बिहार में सरकारी कागजात और ऑनलाइन फॉर्म भरने की दुनिया अब मानो अजब-गजब किस्सों का खजाना बन गई है। कभी किसी फॉर्म में "डॉगेश बाबू" सरकारी प्रमाण पत्र के लिए अर्जी दे देता है, तो कभी "सोनालिका ट्रैक्टर" हाजिर हो जाता है, और हाल ही में तो "डोनाल्ड ट्रंप" तक बिहार के सरकारी पोर्टल पर अपना पता लिखवा चुके हैं।
लेकिन इस बार जो नाम सामने आया है, उसने तो सोशल मीडिया से लेकर सरकारी दफ्तर तक हर किसी को हैरान और कुछ को हंसते-हंसते लोटपोट कर दिया - जी हां, पेश है "कैट कुमार"।

Rohtas viral certificate: बिहार में अजीबोगरीब मामला
रोहतास जिले में किसी अज्ञात शख्स ने बाकायदा एक बिल्ली के नाम से निवासी प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन दायर किया, जिसमें पिता का नाम लिखा - "कैटी बॉस" और मां का नाम - "कैटिया देवी"। इतना ही नहीं, आवेदन के साथ एक खूबसूरत बिल्ली की तस्वीर, फोन नंबर और ईमेल आईडी भी अटैच कर दी गई।
सरकारी अफसरों ने जब यह फाइल खोली तो पहले कुछ देर तक चुप्पी छा गई, फिर दफ्तर में कानाफूसी और ठहाकों का दौर शुरू हो गया।
पिता का नाम - 'कैटी बॉस', मां का नाम - 'कैटिया देवी'
27 जुलाई को आरटीपीएस (RTPS) काउंटर पर यह अजीबोगरीब ऑनलाइन आवेदन पहुंचा। इसमें न सिर्फ आवेदक का नाम 'कैट कुमार' लिखा गया था, बल्कि पिता का नाम 'कैटी बॉस' और मां का नाम 'कैटिया देवी' दर्ज था। फोटो के तौर पर एक बिल्ली की तस्वीर भी चिपकाई गई थी, साथ में मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भी।
Bihar residential certificate: डीएम के आदेश पर FIR
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए रोहतास की जिलाधिकारी उडिता सिंह ने नासरीगंज के राजस्व पदाधिकारी कौशल पटेल को कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132/61(b)/318(4) के तहत नासरीगंज थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई।
एफआईआर में साफ लिखा गया कि यह आवेदन सरकारी काम में बाधा डालने और सरकार की छवि खराब करने की साजिश जैसा है। फर्जी नाम और फोटो का इस्तेमाल करके सरकारी सिस्टम का मजाक उड़ाया गया है। सोशल मीडिया पर यह खबर आते ही मीम्स और मजेदार कमेंट्स की बाढ़ आ गई, लेकिन कई लोगों ने इसे अधिकारियों का वक्त बर्बाद करने वाला कदम भी बताया
ये कोई पहली बार नहीं है इससे पहले पटना में 'डॉग बाबू' नाम से, पूर्वी चंपारण में 'सोनालिका ट्रैक्टर' नाम से और समस्तीपुर में 'डोनाल्ड ट्रंप' के नाम से आवेदन किए गए थे। ट्रंप वाले मामले में तो फोटो भी अमेरिका के राष्ट्रपति का ही लगा दी गई थी, और पता दर्ज था स्थानीय गांव का। इन घटनाओं के बाद दो सरकारी कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई भी हुई थी।
सरकार अब RTPS सिस्टम को करेगी और सख्त
लगातार हो रही इन फर्जी एप्लिकेशनों के चलते सरकार अब RTPS सिस्टम में बदलाव करने की तैयारी में है, ताकि हर आवेदन की गहन जांच हो सके और 'कैट कुमार' जैसे मामले दोबारा न हों। इस मामले ने लोगों को हंसने और सोचने पर मजबूर कर दिया है। एक यूजर ने लिखा - "बिहार में इंसानों की भीड़ कम पड़ गई क्या, जो अब बिल्लियों के नाम से सर्टिफिकेट बन रहे हैं?" वहीं एक और ने तंज कसा - "आगे शायद 'तोता लाल' और 'भैंस देवी' भी आएंगे!"












Click it and Unblock the Notifications