Bihar Politics: प्रशांत किशोर की वजह से महागठबंधन को टेंशन, किसका गेम बिगाड़ेगी जनसुराज?
Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) में इस बार प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज भी मैदान में है। पीके नीतीश कुमार पर निशाना साधते हैं, लेकिन वह महागठबंधन और तेजस्वी यादव पर उससे भी तीखे हमले करते हैं। प्रशांत किशोर ने अब तक अपने सारे पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन उनकी मौजूदगी को राजनीतिक दल भी नकार नहीं रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिहार चुनाव में पीके की पार्टी की क्या भूमिका होगी। क्या वह महागठबंधन को नुकसान पहुंचाएंगे या फिर एनडीए (NDA) का खेल बिगाड़ेंगे। समझें सभी संभावित स्थितियां।
Bihar Politics: प्रशांत किशोर किसका गेम बिगाड़ेंगे?
पीके (PK) साफ कह चुके हैं कि बिहार में अगले विधानसभा चुनाव में वह NDA के साथ सीधे टकराव की भूमिका में हैं। उन्होनें अपनी पार्टी जनसुराज के किसी भी गठबंधन में जाने की संभावनाओं से भी इनकार किया है। एक ही समय में वह नीतीश कुमार और सहयोगी भाजपा पर बेरोजगारी, अव्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सवाल उठा रहे हैं। दूसरी तरफ महागठबंधन और खास तौर पर लालू यादव के परिवार पर हमले का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं।

यह भी पढ़ें: 'लालू के पैरों में अंबेडकर की फोटो? राहुल गांधी एक बार आलोचना करके दिखाएं', प्रशांत किशोर का सीधा चैलेंज!
ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि पीके किसका खेल बिगाड़ सकते हैं। उन्होंने मुस्लिम, युवा और महिला उम्मीदवारों को तरजीह देने की बात की है। बिहार में महिलाएं पारंपरिक तौर पर जेडीयू के साथ रही हैं। तेजस्वी यादव भी अपने MY (माय) मुसलमान+यादव वोट बैंक के साथ महिलाओं और युवाओं को जोड़ने की बात कर रहे हैं। ऐसे में पीके सीटवार उम्मीदवार किसे बनाते हैं, इससे तस्वीर काफी स्पष्ट होगी।
लालू यादव को देंगे बड़ा झटका?
लालू यादव की इस वक्त सबसे बड़ी महत्वाकांक्षा तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनते देखना है। तेजस्वी युवाओं के बीच अपनी लोकप्रियता भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रशांत किशोर ने जिस तरीके से ऐलान किया है कि वह 40 मुसलमान उम्मीदवार उतारेंगे। इसके अलावा उन्होंने युवाओं को प्राथमिकता देने की बात कही है। अगर पारंपरिक वोट बैंक के नजरिए से देखें, तो मुस्लिम उम्मीदवार आरजेडी और कांग्रेस के वोट बैंक में ही सेंध लगाएंगे। अगर हकीकत में पीके अपनी रणनीति पर कायम रहते हैं और अच्छे उम्मीदवार देते हैं, तो महागठबंधन को मुश्किल हो सकती है।
यह भी पढ़ें: Bihar Politics: 'हम नीतीश के घर में रहते थे, उनको औकात थी,जहां उन्हें…’ प्रशांत किशोर का JDU नेता पर पलटवार
पीके अब तक जितना तीखा हमला नीतीश कुमार और तेजस्वी पर कर रहे हैं, उसकी तुलना में बीजेपी पर उनके तंज हल्के हैं। बीच-बीच में वह चिराग पासवान की तारीफ करते भी नजर आते हैं। कुल मिलाकर कह सकते हैं कि चुनावी राजनीति में रणनीति के धुरंधर पीके एक बार फिर अबूझ पहेली की तरह लग रहे हैं। हालांकि, चुनावों के नतीजे आने के बाद ही सही तस्वीर साफ हो सकेगी।












Click it and Unblock the Notifications