Nitish Kumar: कौन थीं CM नीतीश कुमार की पत्नी मंजू? शादी में क्यों छपे थे दो बार कार्ड?
Nitish Kumar Marriage News: बिहार की सत्ता में आज बड़ा ही उलटफेर हुआ है, सुशासन बाबू के नाम से मशहूर नीतीश कुमार ने आज लालू यादव का साथ छोड़कर बीजेपी के साथ हाथ मिला लिया। कल तक भाजपा के खिलाफ जहर उगलने वाले सीएम नीतीश कुमार आज बीजेपी का गुणगान कर रहे हैं। उनके इस कदम से 'इंडिया अलायंस' को तगड़ा झटका लगा है।

समूचा विपक्ष उन्हें बहुत सारे अलंकारों से अलंकृत कर रहा है तो वहीं RJD के जिन लोगों के लिए नीतीश कुमार कल तक चाचाजी थे, वो आज उन्हें 'कूड़ा' और 'गिरगिट' कह रहे हैं। आपको बता दें नीतीश कुमार के इस सियासी चाल ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि सियासत में कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता है।
अब नीतीश का एनडीए में वापस आने से लोकसभा चुनाव 2024 के चुनावी परिणामों पर क्या असर पड़ेगा? ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि उनके इस कदम से विरोधी दलों का गुट एकदम से हिल गया है।
CM नीतीश कुमार की शादी में छपे थे दो बार कार्ड
खैर राजनीति से इतर नीतीश कुमार के बारे में आपको दिलचस्प बात बताते हैं। वो अपने छात्र जीवन से ही काफी उसूलों वाले रहे हैं। आपको जानकर हैरत होगी कि उनकी एक जिद की वजह से उनके पिता राम लखन सिंह को शादी में दो बार कार्ड छपवाने पड़े थे।
किताब 'नीतीश कुमार-अतरंग दोस्तों की नजर में '
आपको बता दें कि लेखक उदय कांत द्वारा लिखी किताब 'नीतीश कुमार-अतरंग दोस्तों की नजर में ' इस बात का जिक्र है। पुस्तक के मुताबिक 22 फरवरी 1973 में नीतीश कुमार की शादी मंजू कुमारी सिन्हा से पटना के लाला लाजपत रॉय में हुई थी।
नीतीश के पिता ने बिना उनसे पूछे ये शादी तय की थी और उस वक्त नीतीश कुमार इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के छात्र थे। उनके पिता ने मंजू के पिता से 22000 रु तिलक में मांगे थे, यानी कि उन्होंने दहेज की मांग की थी।
दहेज में एक रु भी नहीं लिया जाएगा-नीतीश कुमार
ये बात जब नीतीश कुमार को पता चली तो उन्हें बहुत क्रोध आया और वो सीधे अपने गांव बख्तियार पहुंचे और अपने घरवालों से कहा कि वो ये शादी तब ही करेंगे, जब दहेज में एक रु भी नहीं लिया जाएगा और शादी बेहद ही सादगी से होगी, जिसमें किसी को गिफ्ट लाने की जरूरत नहीं है।
'तिलक, दहेज और शोषणयुक्त कुप्रथाओं से मुक्त'
नीतीश की जिद के आगे उनके घरवालों की एक नहीं चली और उन्होंने उनकी बात मान ली लेकिन इसके बाद उन्हें दोबारा कार्ड छपवाना पड़ा क्योंकि नीतीश की शादी का कार्ड कुछ पहले बंट गया था लेकिन नीतीश की शर्तों के बाद दूसरा कार्ड छपा , जिसमें विशेष रूप से लिखवाया गया था कि 'तिलक, दहेज और शोषणयुक्त कुप्रथाओं से मुक्त' और एक आग्रह- ' फूल, आशीष के आलावा किसी भी प्रकार गिफ्ट नहीं चाहिए।'
पटना के एक स्कूल टीचर थीं सीएम की पत्नी
आपको बता दें कि उस वक्त ये शादी काफी चर्चाओं के घेरे में थी। मालूम हो कि नीतीश की पत्नी पटना के एक स्कूल में टीचर थीं। साल 2007 में उनका निधन हो गया था। पत्नी को कांधा देते वक्त नीतीश कुमार काफी रोए थे, उस वक्त उनकी वो तस्वीर काफी वायरल हुई थी। इस शादी से नीतीश कुमार को एक बेटा निशांत है, जिनकी राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है और वो इंजीनियर हैं।
नीतीश कुमार का उपनाम 'मुन्ना' है
गौरतलब है कि 1 मार्च 1951 को बिहार के नालंदा जिले के कल्यानबीघा गांव में जन्मे नीतीश कुमार का उपनाम 'मुन्ना' है और उन्होंने बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की थी और इसके बाद बिहार स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में काम भी किया था। लेकिन 70 के दशक में जय प्रकाश नारायण के आंदोलन ने इन्हें बहुत प्रभावित किया और उसके बाद वो राजनीति में कूद पड़े और बिहार के सीएम बने।












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