Bihar Politics: अपनी ही सरकार के ख़िलाफ़ महागठबंधन के नेताओं ने खोला मोर्चा, जानिए मामला
Bihar Politics: बिहार में आगामी चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। राजनीतिक पार्टियां सियासी पकड़ मज़बूत करने के लिए रणनीतियों पर काम करना शुरू कर दिया है। एक तरफ़ विपक्षी दल के नेता अपनी पार्टी मज़बूत कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ़ महागठबंधन सरकार के विधायक अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं।
बिहार की राजधानी पटना में अपनी मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कर्मी आंदोलनरत हैं। वहीं मंगलवार को अपनी मांगों को बुंलद करते हुए को आंगनबाड़ी कर्मियों ने विधानसभा का रुख किया था। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। वहीं लाठियां भी चटकाई गईं।

आंगनबाड़ी कर्मियों को महागठबंधन सरकार में शामिल वामदल का समर्थन मिला है। वामदलों के विधायकों ने अपने ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बिहार विधानसभा के बाहर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही आंगनबाड़ी कर्मियों पर वॉटर कैनन और लाठी चार्ज का इस्तेमाल वामदल विधायकों ने विरोध किया। इसके साथ ही नीतीश सरकार पर निशाना भी साधा।
रामरतन सिंह (सीपीआई विधायक, तेघड़ा) ने मीडिया से मुख़ातिब होते हुए कहै कि हम आंगनबाड़ी कर्मियों की मांगों का समर्थन करते हैं। विधानसभा के बाहर और सदन के अंदर दोनों जगहों पर हम आंगनबाड़ी कर्मियों के मुद्दे उठाएंगे, वह अपनी जायज मांगों पर हैं। सरकार को आंगनबाड़ी कर्मियों से बात कर उनकी मांगों का हल निकालना चाहिए।
पटना प्रशासन द्वारा आंगनबाड़ी कर्मियों पर बल प्रयोग करना दमनकारी निती है। इस रवय्ये को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया है। आंगनवाड़ी कर्मियो की मांग है कि सेविकाओं को 25 हज़ार रुपये दिए जाएं। इसके साथ ही सहायिका को 18 हजार रुपए हर महीने दिए जाएं। यह उनकी जायज़ मांगे हैं। उन्हें हक दिलाने के लिए हम लोग उनके साथ खड़े हैं।
आपको बता दें कि मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही आंगनवाड़ी कर्मियों ने विधानसभा का रुख किया था। इस दौरान उन पर बल प्रयोग किया गया, कई आंगनबाड़ी कर्मी भी घायल हुए। इस पर सीपीआई विधायक राम रतन सिंह ने नाराज़गी जाहिर करते हुए दमनकारी निती है।












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