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Bihar PM Kisan Samman Nidhi की अगली किस्त पर संकट! किसानों ने नहीं किया ये काम तो रुक जाएगा पैसा, क्या है नियम

Bihar PM Kisan Samman Nidhi Next Instalment: बिहार में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan Samman Nidhi) के तहत लाखों किसानों को हर साल आर्थिक सहायता मिलती रही है। लेकिन अब इस योजना के अगले चरण में कई किसानों की किस्त रुकने का खतरा पैदा हो गया है।

इसकी वजह है Farmer Registry ID को अनिवार्य किया जाना। राज्य सरकार की इस नई व्यवस्था हजारों किसानों के लिए परेशानी का कारण बनती नजर आ रही है। जानिए क्या है फॉर्मर रजिस्ट्री आईडी और किसानों के लिए क्यों है सबसे बड़ी समस्या...

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क्या है Farmer Registry ID और क्यों जरूरी?

बिहार सरकार ने हाल ही में Farmer Registry ID योजना की शुरुआत की है। इसका मकसद राज्य के सभी किसानों का एक डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है, ताकि उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ एक ही पहचान के जरिए दिया जा सके। इस आईडी को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, बीज अनुदान और अन्य कृषि योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।

सरकार का दावा है कि Farmer Registry ID से फर्जी और अपात्र लाभार्थियों पर रोक लगेगी और सही किसानों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। इसके लिए आधार कार्ड, बैंक खाता और जमीन से जुड़े दस्तावेज अनिवार्य किए गए हैं।

Farmer Registry ID में क्या है समस्या?

Farmer Registry ID बनवाने के लिए सबसे अहम शर्त यह रखी गई है कि किसान के नाम से जमीन की जमाबंदी (लैंड रिकॉर्ड) दर्ज होनी चाहिए। यहीं से असली समस्या शुरू होती है। बिहार के ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में किसान पैतृक जमीन पर खेती करते हैं, जो आज भी दादा, परदादा या दिवंगत पिता के नाम पर दर्ज है।

उत्तराधिकारी वर्षों से उसी जमीन पर खेती कर रहे हैं, लेकिन दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) नहीं होने की वजह से जमीन उनके नाम पर दर्ज नहीं हो पाई है। ऐसे किसान सरकारी रिकॉर्ड में जमीन मालिक नहीं माने जाते और इसी कारण उनकी Farmer Registry ID नहीं बन पा रही है।

कैंपों से खाली हाथ लौट रहे किसान

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा Farmer Registry ID बनाने के लिए विभिन्न जिलों में कैंप लगाए जा रहे हैं। लेकिन कई जगहों से यह शिकायत सामने आ रही है कि किसान अपने सभी जरूरी कागजात- आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतियान और अन्य दस्तावेज-लेकर कैंपों में पहुंच रहे हैं, फिर भी उनकी आईडी नहीं बन पा रही है। अधिकारियों का साफ कहना है कि जब तक जमीन किसान के नाम पर दर्ज नहीं होगी, तब तक Farmer Registry ID नहीं बनेगी। किसानों को यह कहकर लौटा दिया जा रहा है कि पहले दाखिल-खारिज कराएं, उसके बाद ही आईडी संभव है।

PM Kisan Samman Nidhi की अगली किस्त पर खतरा

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की गाइडलाइंस के मुताबिक, यदि जमीन मालिक की मृत्यु 1 फरवरी 2019 के बाद हुई है, तो उसके उत्तराधिकारी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। लेकिन इसके लिए भी शर्त यही है कि लैंड रिकॉर्ड में उत्तराधिकारी का नाम दर्ज हो। ऐसे में जिन किसानों का नाम अब तक जमाबंदी में नहीं जुड़ा है, उन्हें पीएम किसान की अगली किस्त से वंचित होना पड़ सकता है। इससे राज्य के हजारों छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ने की आशंका है।

सरकार और विभाग का क्या कहना है?

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का कहना है कि Farmer Registry ID को सख्त बनाना जरूरी है, ताकि फर्जी दावों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं और इसके लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

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