बिहार की ग्रामीण सड़कों का कायाकल्प: 30 जून तक गड्ढामुक्त सड़कें, 5 घंटे में पटना पहुंच का लक्ष्य

बिहार के ग्रामीण इलाकों के लिए अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ग्रामीण सड़कों के कायाकल्प का बीड़ा उठाया है। 30 जून तक बिहार के सभी 38 जिलों की ग्रामीण सड़कें गड्ढामुक्त हो जाएंगी। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सुगम यातायात सुनिश्चित हो सकेगा। यही नहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में सभी सड़कों के निर्माण कार्य को पूरा करने की योजना भी तैयार की गई है। इस पहल से राज्य के ग्रामीण इलाकों के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

योजना के मुख्य बिंदु:

-मार्च 2025 तक सभी सड़कों की निविदा प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश।
-30 जून 2025 तक सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य।
-वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्माण कार्य पूरा करने की योजना।
-सड़कों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विशेष मरम्मत योजना।

सड़क सुदृढ़ीकरण और प्रबंधन की नई नीति

जानकारी के अनुसार बिहार सरकार अनुश्रवण (Defect Liability) अवधि से बाहर हो चुके ग्रामीण सड़कों के निर्माण, पुनर्निर्माण, उन्नयन और नवनीकरण का कार्य किया जाएगा। इस योजना को "ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम" का नाम दिया गया है। 14 नवंबर 2024 को मंत्रिपरिषद की बैठक में इसे मंजूरी दी गई थी। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी सड़कों एवं पुलों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इसके लिए मोबाइल एप के माध्यम से जियो टैग फोटोग्राफ और विस्तृत जमीनी सर्वेक्षण किया जाएगा, जिससे योजनाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

सभी जिलों की ग्रामीण सड़कों का होगा कायाकल्प

इस योजना के तहत राज्य में कुल 2185 सड़कों (3530.882 किलोमीटर) का उन्नयन किया जाएगा, जिसकी कुल लागत 3056.13 करोड़ रुपये होगी। इसके लिए धनराशि प्रशासन पहले ही स्वीकृत कर चुका है। इसके अलावा, 38 जिलों में कुल 13,436 सड़कों का नवीनीकरण किया जाएगा, जिनकी कुल लंबाई 23,938.545 किलोमीटर होगी। इस पर 20,322.415 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बिहार सरकार ने निर्देश दिया है कि स्वीकृत सड़कों की निविदा प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाए और मार्च 2025 तक पूरी कर ली जाए।

ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता होगी सुनिश्चित

इस योजना के तहत सड़कों को साल में दो बार सड़कों के कालीकरण का प्रावधान किया गया है, जिससे उनकी टिकाऊ क्षमता 7 वर्षों तक बनी रहे। सतत ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस के लिए रैपिड रोड रिपेयर वेहिकल की भी व्यवस्था की जाएगी, ताकि सड़कों के खराब होने पर त्वरित मरम्मत हो सके। योजना के क्रियान्वयन के दौरान सभी कार्य 21 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है, ताकि ठेकेदारों को समय पर भुगतान मिले और काम तेजी से पूरा हो सके। दरअसल, इस योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य राज्य के किसी भी सुदूर क्षेत्र से राजधानी पटना तक 5 घंटे में पहुंचने की सुविधा प्रदान करना है, जिससे निवासियों की लाभ मिले।

4182 सड़कों का होगा कायाकल्प

वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत लगभग 4182 सड़कों (7300 किलोमीटर) की मरम्मत और उन्नयन किया जाएगा। ये वे सड़कें होंगी, जो 31 मार्च 2025 तक पंचायत स्तरीय अनुश्रवण अवधि से बाहर हो जाएंगी। इन सभी सड़कों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत बजट से क्रियान्वित किया जाएगा।

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