गिरिराज सिंह ने कहा मदरसों पर रोक लगाए नीतीश सरकार, 'वोट के लिए अवैध लोगों को पनाह देते हैं सीएम'
आने वाले समय में बिहार के लोगों का धर्म और धन खतरे में पड़ने वाला है। वोट की लालच में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देश की आंतरिक सुरक्षा को नजरअंदाज कर रहे हैं। ये कहना है केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का। उन्होंने बिहार सरकार से मदरसों पर तत्काल प्रभाव से लोग लगाने की मांग की है। केंद्रीय मंत्री का कहना है कि बिहार में अवैध मदरसों और मस्जिदों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने अपने एक्स (पहले ट्विटर) अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें उन्होंने देश की आतंरिक सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए नीतीश सरकार को निशाने पर लिया है। गिरिराज सिंह ने कहा, 'बिहार में अवैध मदरसों और मस्जिदों की संख्या बढ़ गई है। यहां पीएफआई एक्टिव है। जिसके कारण बिहार के साथ-साथ देश की आतंरिक सुरक्षा भी खतरे में है।'

उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार ने वोट के लालच में सीएम ने अवैध लोगों को बिहार में पनाह दी है। बिहार में लगभग 3000 मदरसे हैं, उन सभी की जांच होनी चाहिए और धार्मिक ब्रेनवॉश की जगह प्रगतिशील शिक्षा दी जानी चाहिए। सीधे तौर पर केंद्रीय मंत्री ने नीतीश सरकार से तत्काल मदरसों पर रोक लगाने की मांग की है।
गिरीराज सिंह ने आगे कहा कि यदि नीतीश कुमार ऐसा नहीं करते हैं तो आने वाले 20 सालों में बिहार के लोगों ना का धर्म बचेगा, ना धन। उन्होंने कहा कि इस सबके जिम्मेदार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव होंगे।
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कुछ समय पहले भी केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बिहार में मदरसों और मस्जिदों के सर्वे कराने की बात राखी थी। उनका कहना था कि बिहार सरकार को भी यूपी सरकार की तरह मदरसों और मस्जिदों का सर्वे कराना चाहिए। ताकि अवैध मदरसों और मस्जिदों का खुलासा हो सके। उनका कहना है कि खासकर बिहार के सीमावर्ती इलाकों में मदरसों और मस्जिदों का सर्वे बेहद जरुरी है। उन्होंने कहा कि सीमांचल ही हालत देख कर ऐसा लगता है कि आने वाले समय में बिहार के लोगों का धर्म और धन दोनों खतरे में होगा।
आपको बता दें, नीतीश कुमार के एनडीए गठबंधन से अलग होने और महागठबंधन में शामिल होने के बाद से बिहार सरकार गिरिराज सिंह के निशाने पर रही है। वो अक्सर नीतीश कुमर और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को घेरते नजर आते हैं। तेजस्वी और गिरिराज के बीच की जुबानी जंग भी अक्सर सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी रहती है।
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