RJD-Congress List 2025: RJD-कांग्रेस की जातीय रणनीति! कितने यादव, मुस्लिम और ब्राह्मण को मिला टिकट, पूरी लिस्ट
Bihar Election 2025 (Mahagathbandhan Caste Equation): बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का पहला चरण अब पूरी तरह नामांकन के बाद राजनीतिक समीकरणों की जमीन तैयार कर चुका है। महागठबंधन की दो प्रमुख पार्टियां राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस के पहले चरण के उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट सामने आ गई है।
जहां राजद ने 52 प्रत्याशियों के नाम तय किए हैं, वहीं कांग्रेस ने अब तक 54 उम्मीदवारों को मैदान में उतार दिया है। हालांकि RJD ने अभी तक कोई अधिकारिक लिस्ट जारी नहीं की है, ये 52 नाम वो हैं, जिन्होंने नामांकन किए हैं। हालांकि RJD ने अब तक 100 से ज्यादा को सिंबल बांटा है। अब पूरे बिहार में असली मुकाबला जातीय आधार पर बन रहा है-कौन कितना यादव, कितना ब्राह्मण, और कितना मुस्लिम वोट बैंक साधेगा? ऐसे में आइए समझते हैं कि महागठबंधन के दो बड़ी पार्टियों ने किस जाति वाले पर ज्यादा भरोसा दिखाया है।

RJD ने फाइनल की पहली लिस्ट, यादवों की हुई बाढ़
राजद की जो लिस्ट सामने आई है, उसमें तेजस्वी यादव खुद अपने पारंपरिक गढ़ राघोपुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। लिस्ट का जातीय विश्लेषण साफ बताता है कि पार्टी ने इस बार भी यादव वोट बैंक पर सबसे बड़ा दांव खेला है। पहले फेज के 52 उम्मीदवारों में से 22 यादव उम्मीदवार हैं, जो लगभग 42 फीसदी हिस्सेदारी रखते हैं। इसके अलावा 3 मुस्लिम प्रत्याशी भी मैदान में हैं। भूमिहार और ब्राह्मण समाज से तीन नेताओं को टिकट दिया गया है। यानी RJD का जातीय बैलेंस स्पष्ट रूप से "MY" (Muslim-Yadav) समीकरण पर ही आधारित है।
दिलचस्प बात यह है कि RJD ने इस बार कई नए चेहरों को मौका दिया है, लेकिन यादव बेल्ट वाली सीटों पर पुराने जातीय चेहरों को ही प्राथमिकता दी गई है। उदाहरण के तौर पर-दरभंगा ग्रामीण से ललित यादव, फतुहा से डॉ. रामानंद यादव, छपरा से खेसारी लाल यादव और राघोपुर से तेजस्वी यादव जैसे बड़े यादव उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं मुस्लिम समुदाय से ओसामा शाहाब (रघुनाथपुर), असरारुल इस्लाम शाही (समस्तीपुर) और इसरायल मंसूरी (कांटी) को टिकट मिला है।
कांग्रेस ने भी खोला जातीय पत्ता, सवर्णों पर बड़ा भरोसा
कांग्रेस ने इस बार जातीय समीकरण का संतुलन थोड़े अलग अंदाज में साधा है। पार्टी की घोषित 54 सीटों की लिस्ट में 19 सवर्ण उम्मीदवार हैं। इनमें 8 भूमिहार, 6 ब्राह्मण और 5 राजपूत शामिल हैं। इसके अलावा 10 पिछड़ा वर्ग (OBC) उम्मीदवारों को टिकट मिला है, जिनमें 4 यादव, 1 कुर्मी, 1 कुशवाहा, 1 गोस्वामी और 3 वैश्य समुदाय के हैं। 6 अति पिछड़े वर्ग (EBC), 9 दलित (SC), 1 जनजातीय (ST) और 5 मुस्लिम प्रत्याशी भी कांग्रेस के पैनल में हैं।
यानी कांग्रेस ने पारंपरिक सवर्ण वोट बैंक को साधते हुए पिछड़ा वर्ग और दलित समुदाय को भी बराबर की हिस्सेदारी दी है। इससे साफ है कि पार्टी 'संतुलन' और 'विविधता' की रणनीति पर चल रही है।
लेफ्ट पार्टियों ने पिछड़ों पर लगाया दांव
महागठबंधन में शामिल वाम दलों-CPI(ML), CPI और CPM-ने अब तक 29 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है। इनमें से 15 टिकट ओबीसी समुदाय को दिए गए हैं। 8 उम्मीदवार दलित, 2 मुस्लिम, 2 भूमिहार, 1 राजपूत और 1 अति पिछड़ा वर्ग से हैं। लेफ्ट दलों ने हमेशा की तरह सामाजिक न्याय और वर्गीय संतुलन की लाइन पर चलते हुए जातीय विविधता को बनाए रखने की कोशिश की है।
महागठबंधन में बढ़ी दरार, RJD और कांग्रेस आमने-सामने
पहले चरण के नामांकन के बाद यह साफ हो गया है कि महागठबंधन के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा। RJD और कांग्रेस के बीच कम से कम 10 सीटों पर सीधी टक्कर बनने वाली है। दरअसल, RJD-लेफ्ट गठबंधन ने उन कई सीटों पर भी प्रत्याशी उतार दिए हैं, जो कांग्रेस के कोटे में मानी जा रही थीं। इससे कांग्रेस के भीतर नाराजगी बढ़ गई है।
जैसे कि-वैशाली सीट पर RJD से अजय कुशवाहा और कांग्रेस से ई. संजीव सिंह आमने-सामने हैं। इसी तरह बछवाड़ा, लालगंज, राजापाकर, बिहारशरीफ और रोसड़ा में भी दोनों दलों के प्रत्याशी भिड़ गए हैं। कुटुंबा सीट पर तो कांग्रेस ने अपने प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम को उतारा है, वहीं RJD ने उसी सीट पर सुरेश पासवान को उतारकर नया विवाद खड़ा कर दिया है।
🟥 RJD List: नामांकन करने वाले 52 RJD प्रत्याशियों की लिस्ट
- उजियारपुर - आलोक मेहता
- सोनपुर - रामानुज प्रसाद
- परबत्ता - डॉ. संजीव
- दरभंगा ग्रामीण - ललित यादव
- गायघाट - निरंजन राय
- शाहपुर - राहुल तिवारी
- मोरवा - रणविजय साहू
- हथुआ - राजेश कुमार सिंह
- मसौढ़ी - रेखा देवी
- समस्तीपुर - असरारुल इस्लाम शाही
- शेखपुरा - विजय कुमार
- सीवान - अवध बिहारी चौधरी
- सहरसा - रामदेव शर्मा
- अष्टावां - रवि रंजन कुमार
- गुरुआ - विनय कुमार
- वैशाली - अजय कुमार कुशवाहा
- बोचहां - अमर कुमार पासवान
- बिहारीगंज - रेनू कुमारी
- ब्रह्मपुर - शंभुनाथ यादव
- अमनोरे - सुनील कुमार
- चौरैया बख्तियारपुर - सुषील कुमार
- बढ़ौरा - भोला यादव
- सिंहेश्वर - चंदनस चौपाल
- महीशी - गौतम कृष्ण
- रघुनाथपुर - ओसामा शाहाब
- अलौली - रामदक्ष सदा
- बख्तियारपुर - अनिरुद्ध कुमार यादव
- नौखा - अनीता देवी
- हिलसा - शक्ति सिंह यादव
- मुंगेर - अभिनाश कुमार विद्याधारी
- मनेर - भाई ब्रीजेंद्र
- फतुहा - डॉ. रामानंद यादव
- मधेपुरा - जितेंद्र कुमार राय
- मटीहानी - बोगो सिंह
- बैजू कुटुंबपुर - प्रेमशंकर प्रसाद यादव
- राघोपुर - तेजस्वी प्रसाद यादव
- पाकड़ - शंकर प्रसाद
- इस्लामपुर - राकेश कुमार रोशन
- साहेबगंज - पृथ्वीनाथ राय
- गड़खा - सुरेंद्र राम
- मीनापुर - राजीव कुमार
- बेलागंज - विश्वनाथ कुमार सिंह
- सूर्यगढ़ा - प्रेमसागर चौधरी
- दानापुर - रीतलाल राय
- बोधगया - कुमार सर्वजीत
- कांटी - इसरायल मंसूरी
- छपरा - खेसारी लाल यादव
- बड़हरिया - अरुण कुमार सिंह
- रूपौली - बीमा भारती
- बड़हरा - अशोक कुमार सिंह
- मेधापुर - चंद्रेश्वर
- कुंदन - सुनील कुमार सुमन
🟥Congress List: बिहार कांग्रेस के 54 उम्मीदवार की लिस्ट
- बगहा- जयेश मंगल सिंह
- नौतन - अमित गिरी
- चनपटिया - अभिषेक रंजन
- बेतिया - वसी अहमद
- रक्सौल- श्याम बिहारी प्रसाद
- गोविंदगंज- शशि भूषण राय उर्फ गप्पू राय
- रीगा- अमित कुमार सिंह टुन्ना
- बथनाहा- ई. नवीन कुमार
- बेनीपट्टी- नलिनी रंजन झा
- फुलपरास - सुबोध मंडल
- फारबिसगंज- मनोज विश्वास
- बहादुरगंज- प्रो. मस्वर आलम उर्फ मुशब्बीर आलम
- कदवा - शकील अहमद खान
- मनिहारी- मनोहर प्रसाद सिंह
- कोढ़ा- पूनम पासवान
- सोनबरसा - सरिता देवी
- बेनीपुर- मिथिलेश कुमार चौधरी
- सकरा - उमेश राम
- मुजफ्फरपुर- बिजेंद्र चौधरी
- गोपालगंज - ओम प्रकाश गर्ग
- कुचायकोट- हरि नारायण कुशवाहा
- लालगंज- आदित्य कुमार राजा
- वैशाली - ई. संजीव सिंह
- राजापाकर- प्रतिमा सिंह
- रोसड़ा- ब्रज किशोर रवि
- बछवाड़ा - शिव प्रकाश गरीब दास
- बेगूसराय - अमिता भूषण
- खगड़िया - डॉ. चंदन यादव
- बेलदौर- मिथिलेश कुमार निषाद
- भागलपुर- अजीत कुमार शर्मा
- सुल्तानगंज- ललन यादव
- अमरपुर- जितेंद्र सिंह
- लखीसराय- अमरेश कुमार (अनीश)
- बरबीघा - त्रिशूलधारी सिंह
- बिहारशरीफ- ओमैर खान
- नालंदा- कौशलेंद्र कुमार "छोटे मुखिया"
- हरनौत - अरुण कुमार बिंद
- कुम्हरार- इंद्रदीप चंद्रवंशी
- पटना साहिब- शशांत शेखर
- बिक्रम - अनिल कुमार सिंह
- बक्सर - संजय कुमार तिवारी
- राजपुर- विश्वनाथ राम
- चेनारी- मंगल राम
- करगहर- संतोष मिश्रा
- कुटुंबा- राजेश राम
- औरंगाबाद- आनंद शंकर सिंह
- वजीरगंज- अवधेश कुमार सिंह
- हिसुआ- नीतू कुमारी
- जाले - ऋषि मिश्रा
- नरकटियागंज- शाश्वत केदार पांडेय
- किशनगंज- मो. कमरुल होदा
- कसबा - मो. इरफान आलम
- पूर्णिया - जितेंद्र यादव
- गया टाउन- मोहन श्रीवास्तव
राजनीतिक नतीजा क्या होगा?
पहले चरण की इस जातीय तस्वीर को देखकर यह स्पष्ट है कि बिहार में अब भी चुनाव जातीय गणित से ही तय होंगे। RJD ने जहां यादव-मुस्लिम समीकरण को मजबूत करने की कोशिश की है, वहीं कांग्रेस ने सवर्णों को साधने का दांव खेला है। वामदलों ने पिछड़ों पर भरोसा जताकर अपनी परंपरागत लाइन बरकरार रखी है। अब देखना यह होगा कि जनता इस 'जातीय कार्ड' पर कितना भरोसा करती है या विकास, रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दे इस समीकरण को तोड़ पाएंगे।












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