बिहार चुनाव 2025: जीत के लिए NDA का सीक्रेट गेमप्लान आया सामने! नीतीश बढ़ाएंगे राहुल-तेजस्वी की टेंशन
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सत्ताधारी एनडीए (NDA) गठबंधन ने मैदान में उतरने की अपनी खास रणनीति तैयार कर ली है। जहां राहुल गांधी और तेजस्वी यादव विपक्षी खेमे से वोटर अधिकार यात्रा निकाल रहे हैं, वहीं एनडीए जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ और मजबूत करने में जुटा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए का पूरा फोकस कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद और संगठन को धार देने पर है।
गठबंधन ने 243 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने की योजना बनाई है, ताकि कोई क्षेत्र रणनीति से अछूता न रहे। नीतीश कुमार के नेतृत्व और नरेंद्र मोदी के सहयोग से गठबंधन का लक्ष्य फिर से सत्ता पर कब्जा जमाना है, ऐसे में साफ है कि बिहार चुनाव 2025 में एनडीए पूरी तैयारी और संगठित रणनीति के साथ मैदान में है।

विधानसभा स्तर पर बैठकों का ब्लूप्रिंट
🔹 23 से 25 अगस्त और 28 से 30 अगस्त के बीच 84 विधानसभा क्षेत्रों में बैठकों का आयोजन होगा। बाद में बाकी क्षेत्रों में भी इसी तरह के कार्यक्रम किए जाएंगे।
🔹 एनडीए के अलग-अलग घटक दलों के नेताओं की 14 टीमें बनाई गई हैं, जो कार्यकर्ताओं से मुलाकात करके फीडबैक लेंगी और रणनीति साझा करेंगी।
🔹 इन बैठकों का उद्देश्य संगठनात्मक मजबूती, कार्यकर्ताओं में तालमेल और चुनावी रणनीति को ज़मीनी हकीकत से जोड़ना है।
कौन संभाल रहा है मोर्चा?
🔹 JDU की ओर से संजय कुमार झा, उमेश कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर, विजय चौधरी, अशोक चौधरी, श्रवण कुमार और रत्नेश सदा सात टीमों का नेतृत्व करेंगे।
🔹 BJP की ओर से दिलीप जायसवाल, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, नित्यानंद राय, मंगल पांडे, गिरिराज सिंह और सांसद संजय जायसवाल बाक़ी टीमों की कमान संभालेंगे।
🔹 सहयोगी दलों जैसे चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास), जीतन राम मांझी की हम (सेक्युलर) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मंच के प्रतिनिधियों को भी टीमों में जगह दी गई है।
🔹 हर टीम में 6 सदस्य होंगे, ताकि हर दल की हिस्सेदारी और भागीदारी बनी रहे।
नीतीश कुमार को सीएम चेहरा बनाकर आगे बढ़ेगा NDA
JDU प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, "हमारा लक्ष्य 225 सीटें जीतने का है। इसके लिए हम विधानसभा स्तर तक बैठकें कर रहे हैं। नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने का नारा लेकर एनडीए आगे बढ़ेगा।"
एनडीए का संदेश साफ है-जहां विपक्षी दलों में एकजुटता की कमी है, वहीं एनडीए एकजुट और संगठित दिख रहा है।
सीट बंटवारे पर सुलह, प्रचार में फोकस विकास पर
🔹 हालांकि सीट शेयरिंग पर आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन भाजपा नेताओं का कहना है कि कोई बड़ा विवाद नहीं है और जल्द ही सहमति बन जाएगी। एनडीए चुनाव प्रचार में पिछले 20 सालों की नीतीश सरकार की उपलब्धियों को जनता तक ले जाएगा। कुछ दिनों पर एक इंटरव्यू में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा था कि सीट शेयरिंग को लेकर गठबंधन में कोई दिक्कत नहीं है।
🔹 इसमें शामिल हैं, कानून-व्यवस्था की मजबूती, बुनियादी ढांचा विकास, स्थानीय शासन में महिलाओं की बढ़ी भागीदारी, मुफ्त बिजली और बढ़ी हुई पेंशन योजनाएं, युवाओं के लिए रोजगार कार्यक्रम, अलग-अलग वोट बैंक को साधने की रणनीति।
🔹 एनडीए नेताओं ने अपने प्रचार अभियान में केंद्र की योजनाओं को भी प्राथमिकता दी है। जिसमें आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना, महिला उद्यमी योजना, राज्य सरकार की विकास और कल्याणकारी नीतियां के बारे में जनतो को बताया जाएगा। इन कार्यक्रमों के जरिए गठबंधन महिलाओं, युवाओं और गरीब तबकों को सीधे साधने की कोशिश कर रहा है।












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