Pawan Singh: भोजपुरी स्टार पवन सिंह की BJP में वापसी, इस सीट से लड़ेंगे बिहार चुनाव, उपेन्द्र कुशवाहा से सुलह
Bihar Election 2025 (Pawan Singh RLM): भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और सिंगिंग सेंसेशन पवन सिंह अब पूरी तरह से राजनीति में उतरने की तैयारी में हैं। ताजा सियासी घटनाक्रम में यह चर्चा तेज हो गई है कि वे फिर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) में वापसी कर चुके हैं। हालांकि पहले चर्चा थी कि वो उपेन्द्र कुशवाहा (upendra kushwaha) की पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLM) का दामन थाम सकते हैं। लेकिन अब साफ हो गया है कि वो भाजपा के साथ हैं। उपेन्द्र कुशवाहा से सुलह की खबरें सामने आ रही है। दोनों के गले लगते हुए तस्वीर भी सामने आई है।
सवाल यह है कि पवन सिंह किस सीट से चुनावी मैदान में उतरेंगे और उनके आने से किसका सियासी समीकरण बिगड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार (30 सितंबर) को पवन सिंह ने RLM प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा से मुलाकात की। इस बैठक में बिहार बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े और संगठन के युवा चेहरे ऋतुराज सिन्हा भी मौजूद रहे। इससे पहले सोमवार को भी पवन सिंह ने इन दोनों नेताओं से अलग मुलाकात की थी। ऐसे में अब साफ हो गया है कि पवन सिंह NDA खेमे में रहेंगे।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने कहा, "पवन जी भाजपा में हैं और भाजपा में ही रहेंगे। उपेंद्र कुशवाहा (राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख) ने उन्हें आशीर्वाद दिया है। आगामी चुनाव में पवन जी भाजपा कार्यकर्ता के रूप में एनडीए के लिए सक्रियता से काम करेंगे।"
आरा विधानसभा सीट से लड़ने की तैयारी में पवन सिंह
खबर है कि पवन सिंह की नजर भोजपुर की आरा विधानसभा सीट पर है। वे एनडीए उम्मीदवार के तौर पर यहां से चुनाव लड़ सकते हैं। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि अगर पवन सिंह मैदान में उतरते हैं, तो शाहाबाद इलाके (भोजपुर, बक्सर, रोहतास और कैमूर की 22 सीटों) पर NDA को बड़ा फायदा मिल सकता है।
शो छोड़कर राजनीति में फोकस
हाल ही में पवन सिंह ने बिजनेस टायकून अशनीर ग्रोवर के शो 'राइज एंड फॉल' को छोड़ दिया। शो से बाहर आते समय उन्होंने कहा था - "मेरी जनता ही मेरा भगवान है और चुनाव के समय मेरा फर्ज है कि मैं उनके बीच रहूं।" इस बयान से ही साफ हो गया कि अब उनका पूरा ध्यान राजनीति पर है।
काराकाट में दिखा पवन सिंह का असर
2024 लोकसभा चुनाव में पवन सिंह ने काराकाट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में ताल ठोकी थी। भले ही वे चुनाव नहीं जीत पाए, लेकिन उन्होंने साबित कर दिया कि उनका जनाधार मज़बूत है। इतना ही नहीं, बक्सर और सासाराम में भी उनकी पकड़ का असर देखने को मिला, जहां बीजेपी को हार झेलनी पड़ी। यही वजह है कि अब उन्हें NDA के लिए 'गेम चेंजर' माना जा रहा है।
आरके सिंह से मुलाकात और चर्चा
कुछ दिन पहले पवन सिंह ने आरा में पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता आरके सिंह से भी मुलाकात की थी। आरके सिंह ने खुले तौर पर कहा था कि पवन सिंह को बीजेपी में आना चाहिए। इस मुलाकात के बाद से ही पवन की सियासी पारी को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई थीं।
तेजस्वी यादव की तारीफ कर चुके हैं पवन
दिलचस्प बात यह है कि पवन सिंह ने कुछ समय पहले विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की भी तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि "तेजस्वी जब बोलते हैं तो दिल को छू जाते हैं, वो ज़मीनी नेता हैं।" जब उनसे पूछा गया कि तेजस्वी 9वीं फेल हैं, तो क्या वे विकास कर पाएंगे? इस पर पवन ने हंसते हुए जवाब दिया था - "मैं भी तो 6वीं पास हूं, लेकिन मेरे साथ पढ़े-लिखे लोग काम करते हैं। असली बात नीयत की है, पढ़ाई ही सब कुछ नहीं।"
पत्नी ज्योति सिंह भी लड़ सकती हैं चुनाव
सियासी हलकों में यह भी चर्चा है कि पवन सिंह की दूसरी पत्नी ज्योति सिंह भी चुनावी मैदान में उतर सकती हैं। हाल ही में उन्होंने वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी से मुलाकात की थी और कई बार यह घोषणा भी की कि वे 2025 विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। अगर ऐसा होता है तो राजनीति में यह जोड़ी एक साथ बड़ा असर डाल सकती है।
चुनावी समीकरण पर असर
पवन सिंह का NDA खेमे में आना विपक्ष के लिए सिरदर्द साबित हो सकता है। भोजपुरी बेल्ट में उनकी लोकप्रियता अपार है। मंच पर गाना गाने से लेकर फिल्मों तक उनका क्रेज जिस तरह है, वही क्रेज़ वोटों में भी बदल सकता है। बीजेपी और उपेन्द्र कुशवाहा की RLM इस समीकरण को भुनाना चाहती है।
भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह अब पूरी तरह से राजनीति में उतर चुके हैं। शो छोड़ना, नेताओं से मुलाकात और सीट की चर्चा - ये सब इस ओर इशारा कर रहे हैं कि वे 2025 के विधानसभा चुनाव में बड़ा दांव खेलने जा रहे हैं। अगर वे RLM से जुड़कर NDA के टिकट पर आरा सीट से चुनाव लड़ते हैं, तो बिहार की सियासत में नया समीकरण तय होना तय है।












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