Bihar Election: अमित शाह-तेजस्वी की जंग तेज –'घुसपैठियों को बाहर करेंगे' VS 'नीतीश अब बिहार चलाने लायक नहीं'
Bihar Election 2025 (Amit Shah vs Tejashwi Yadav): बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे करीब आ रहा है, सियासत गरमाती जा रही है। शनिवार (27 सितंबर) को अररिया में गृह मंत्री अमित शाह की गरज सुनाई दी तो पटना से तेजस्वी यादव का पलटवार आया। एक तरफ अमित शाह इसे "घुसपैठियों को बाहर करने वाला चुनाव" बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ तेजस्वी कह रहे हैं कि "नीतीश कुमार जी अब बिहार चलाने लायक नहीं रह गए।"
शाह का हमला: 'घुसपैठियों को वोटर अधिकार नहीं मिलेगा'
अररिया की सभा में अमित शाह ने कहा कि बिहार का चुनाव सिर्फ सत्ता बदलने के लिए नहीं, बल्कि घुसपैठियों को बाहर निकालने का संकल्प है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा- "राहुल बाबा कान खोलकर सुन लो। आप चाहे जितनी यात्राएं निकाल लो, भाजपा एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर करेगी।"

शाह ने सीमांचल के लोगों से सवाल भी किया कि "क्या घुसपैठियों को वोट का अधिकार मिलना चाहिए?" भीड़ से उठी आवाज ने उनके राजनीतिक संदेश को और धार दे दी।
'लालू एंड कंपनी' पर घोटालों का वार
गृहमंत्री अमित शाह ने लालू परिवार को आड़े हाथों लिया और कहा कि "लालू एंड कंपनी ने बिहार को लूटा, घोटालों की लंबी फेहरिस्त छोड़ी। कांग्रेस ने भी देश को खोखला किया। लेकिन मोदी सरकार के 11 साल में विपक्ष एक पैसे का भ्रष्टाचार भी साबित नहीं कर सका।"
शाह ने खुद की पार्टी को बाकी दलों से अलग बताते हुए कार्यकर्ताओं को जीत का असली आधार बताया। बोले, "अन्य दल नेताओं के दम पर चुनाव लड़ते हैं, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं के दम पर जीतती है।"
अमित शाह बोले- NDA की जीत से रोशन होगा बिहार, 160+ सीट जीतने का दावा
अमित शाह ने अपने भाषण में "चार दिवाली" का जिक्र करते हुए कार्यकर्ताओं को उत्साहित किया। पहली दिवाली राम मंदिर उद्घाटन की,
दूसरी दिवाली, मोदी सरकार द्वारा महिलाओं के खातों में राशि भेजने की, तीसरी दिवाली GST में राहत देने की और चौथी दिवाली, बिहार में NDA की 160+ सीटों की जीत के बाद। अमित शाह ने कहा कि इस बार बिहार NDA की जीत से रोशन होगा।
तेजस्वी का पलटवार: 'अब नीतीश जी थक चुके हैं'
इधर पटना में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सीधा नीतीश कुमार पर निशाना साधा। "नीतीश कुमार जी अब बिहार चलाने के लायक नहीं रह गए हैं। उनकी उम्र हो चुकी है, अब बिहार को नई सोच और नई रफ्तार चाहिए।"
तेजस्वी ने 'कर्पूरी अतिपिछड़ा अधिकार संवाद' कार्यक्रम में कहा कि NDA ने अति पिछड़े समाज को सिर्फ वोट बैंक समझा, असल में उन्हें कभी सशक्त नहीं किया। "हमारी सरकार बनी तो अति पिछड़ा केवल वोट बैंक नहीं रहेगा बल्कि पावर बैंक बनेगा।"
जंगलराज बनाम सुशासन का नैरेटिव
अमित शाह ने बिहार को 90 के दशक की याद दिलाते हुए कहा कि "जंगलराज वापस नहीं लाना है। नीतीश सरकार में कानून व्यवस्था बेहतर हुई है। पहले और आज के बिहार में जमीन-आसमान का फर्क है।"
शाह ने NDA सरकार की उपलब्धियां गिनाईं-पूर्णिया से मखाना बोर्ड की घोषणा, भागलपुर में विद्युत संयंत्र, बिहटा समेत 6 नए एयरपोर्ट,
कोशी लिंक परियोजना और सामाजिक पेंशन 400 से बढ़ाकर 1100 रुपये।
बिहार चुनाव जीत के लिए BJP का नया मंत्र: ट्रिपल M
पटना में कार्यकर्ताओं से अमित शाह ने 'ट्रिपल M' का नया फॉर्मूला दिया- महिला, मोदी और मंदिर। अमित शाह ने कहा कि हर महिला परिवार की धुरी है, उनसे मिलकर सरकार की योजनाओं की जानकारी दें। मंदिर आंदोलन और मोदी का नेतृत्व-यही NDA की सबसे बड़ी ताकत है। उनका टारगेट भी साफ है-225 सीटों पर जीत। अमित शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि हर सीट पर 225 बार जनसंपर्क करना होगा।
मिशन बिहार: सीधी लड़ाई किसकी?
बिहार की सियासत अब साफ हो गई है-अमित शाह और NDA इसे घुसपैठियों के खिलाफ चुनाव बता रहे हैं। तेजस्वी इसे 'नई सोच और अति पिछड़ों की ताकत' से जोड़ रहे हैं। नीतीश कुमार, दोनों तरफ से दबाव में दिख रहे हैं।
अब सवाल यह है कि क्या NDA का घुसपैठिया नैरेटिव वोटरों को आकर्षित करेगा या तेजस्वी का 'युवा और नई सोच' वाला एजेंडा लोगों के दिल में जगह बनाएगा?
बिहार की राजनीति में यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन का नहीं बल्कि नैरेटिव बदलने का संग्राम बन चुका है। शाह की गरज और तेजस्वी का पलटवार बता रहा है कि आने वाले दिनों में बिहार की सियासत और ज्यादा गरमाएगी।












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