23 जून को विपक्ष की बैठक से पहले तेजस्वी यादव का बयान, कहा- बिहार ने ही ऑपरेशन लोटस पर लगाई लगाम
Opposition Unity Meet: 2024 लोकसभा चुनाव से पहले सभी दलों ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। एक तरफ बीजेपी जहां मोदी सरकार के 9 साल होने पर देश भर में रैलियों के जरिए जनता तक अपनी उपलब्धियां पहुंचा रही है तो दूसरी तरफ विपक्ष एकता पर जोर देते हुए जेडीयू नेता नीतीश कुमार गैर बीजेपी गठबंधन वाले दलों को एक साथ लाने का प्रयास कर रहे हैं।
बिहार की राजधानी पटना में 23 जून को होने वाली विपक्ष की बैठक पर बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का बयान आया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लगभग सभी बड़े नेता पटना आ रहे हैं और पटना से ही जेपी आंदोलन की शुरुआत हुई और पटना से ही हमेशा बदलाव देखने को मिला है। बिहार ने ही 'ऑपरेशन लोटस' पर लगाम लगाने का काम किया।

इससे पहले बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्षी दलों को एक साथ लाने में किसी का कोई व्यक्तिगत हित नहीं है और नेता केवल देश की बेहतरी के लिए ऐसा कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में कहा था कि हमें उन लोगों से लड़ना है जो लोकतंत्र, संविधान को नष्ट कर रहे हैं और इतिहास को बदलना चाहते हैं। हमारा कोई व्यक्तिगत हित नहीं है। हमने देश की भलाई के लिए यह फैसला लिया है। वे (भाजपा) कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश हार गए और आगामी राज्य चुनाव भी हार जाएंगे।
बता दें कि जदयू नेता और बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने 23 जून को पटना में विपक्ष की एक बड़ी बैठक बुलाई है। इस बैठक में देश की लगभग सभी पार्टियां शामिल होंगी। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता राहुल गांधी के अलावा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पटना आएंगे।
वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, शिवसेना (उद्धव) नेता उद्धव ठाकरे, सीपीआई के डी राजा, सीपीएम के सीताराम येचुरी और सीपीआई (एमएल) नेता दीपांकर भट्टाचार्य सहित अन्य नेता भी बैठक में शामिल होंगे।












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