Bihar Politics: बिहार में बड़ा खेला! कांग्रेस के सभी 6 विधायक 'लापता', किस दल में होंगे शामिल?
Bihar Congress MLA: बिहार की राजनीति में एक बार फिर 'खेला' होने के संकेत मिल रहे हैं। मकर संक्रांति के अवसर पर कांग्रेस द्वारा आयोजित 'दही-चूड़ा' भोज में पार्टी के सभी 6 विधायकों का नदारद रहना चर्चा का विषय बन गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि 'खरमास' खत्म होते ही बिहार कांग्रेस में बड़ी टूट हो सकती है और ये विधायक एनडीए (NDA) का दामन थाम सकते हैं।
भाजपा और लोजपा (रामविलास) के नेताओं ने दावा किया है कि कांग्रेस के विधायक उनके संपर्क में हैं, जबकि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष इसे महज अफवाह बता रहे हैं।

Bihar Politics: कांग्रेस के 'दही-चूड़ा' भोज में सन्नाटा
पटना में कांग्रेस सेवा दल द्वारा आयोजित पारंपरिक दही-चूड़ा भोज उस समय चर्चा में आ गया जब पार्टी के निर्वाचित सभी 6 विधायक इसमें शामिल नहीं हुए। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम अकेले ही भोज का आनंद लेते नजर आए। विपक्षी दल भाजपा ने चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस का 'दही खट्टा और चूड़ा पुराना' हो चुका है, इसलिए विधायक अब नए ठिकाने की तलाश में हैं। विधायकों की यह अनुपस्थिति पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और संभावित विद्रोह की ओर इशारा कर रही है।
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खरमास के बाद 'ऑपरेशन लोटस' की चर्चा
बिहार की राजनीति में यह माना जाता है कि शुभ कार्यों की शुरुआत खरमास (14 जनवरी) के बाद होती है। लोजपा (आर) के नेता और मंत्री संजय सिंह ने खुला दावा किया है कि मकर संक्रांति के बाद कांग्रेस के सभी 6 विधायक पाला बदलकर एनडीए में शामिल हो जाएंगे। भाजपा नेता रामकृपाल यादव ने भी कहा है कि केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि राजद (RJD) के भी कई विधायक पाला बदलने की तैयारी में हैं। इन दावों ने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
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2025 चुनाव के नतीजों का असर
नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था। पार्टी ने 61 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन केवल 6 सीटों पर ही जीत हासिल कर सकी। दूसरी ओर, एनडीए ने 202 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया। चुनाव के बाद से ही हार की जिम्मेदारी और टिकट बंटवारे को लेकर विधायकों में नाराजगी देखी जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भविष्य की अनिश्चितता को देखते हुए विधायक सत्ताधारी गठबंधन की ओर झुक रहे हैं।
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दी सफाई
विधायकों के गायब होने की खबरों पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने सफाई देते हुए कहा कि एक कार्यक्रम में न आने का मतलब पार्टी छोड़ना नहीं होता। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, 'कहने को तो हम भी कह सकते हैं कि भाजपा और जदयू के विधायक हमारे संपर्क में हैं।' हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि राजनीति में जो होने वाला होता है, उसकी भनक किसी को नहीं लगती। फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व अपने कुनबे को एकजुट रखने की जद्दोजहद में जुटा है।












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