Bihar Chunav: तेजस्वी यादव के 10 लाख जॉब वाले वादे पर बोलीं बहन मीसा भारती, 'हम जो कहते हैं करके दिखाते हैं'
Bihar Chunav Tejashwi Yadav: बिहार चुनाव इस बार बड़े-बड़े वादों और घोषणाओं के ऐलान के लिए भी याद किया जाएगा। नीतीश कुमार ने चुनाव से पहले एक के बाद एक कई बड़े फैसले लिए हैं। इसके जवाब में तेजस्वी यादव ने भी 10 लाख नौकरी का वादा किया है। तेजस्वी ने हर परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी का वादा किया है। इस बीच मीसा भारती ने भी भाई के लिए समर्थन में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने भाई और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के 10 लाख नौकरियों के वादे का बचाव करते हुए कहा कि हम जो कहते हैं, उसे करके दिखाते हैं।
बता दें कि तेजस्वी यादव के 10 लाख लोगों को नौकरी देने के वादे पर एनडीए के नेता जमकर बयानबाजी कर रहे हैं। इस पर खुद आरजेडी नेता और पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि बिहार की जनता बदलाव चाहती है। जनता जानती है कि हम अपना किया हुआ हर वादा निभाते हैं। हर परिवार से एक सरकारी नौकरी का वादा किया है, तो इसे हर हाल में पूरा करके दिखाएंगे।

Tejashwi Yadav के समर्थन में उतरीं बहन मीसा भारती
मीसा भारती ने कहा कि जब तेजस्वी यादव को मौका मिला, तो उन्होंने युवाओं को रोजगार देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया था। उन्होंने कहा, 'तेजस्वी यादव ने जो वादा किया था, उसे निभाया। उन्होंने कहा था 10 लाख नौकरियां देंगे, और जब अवसर मिला तो 5 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी दी गई। बिहार के इतिहास में पहली बार गांधी मैदान से नियुक्ति पत्र बांटे गए। यह इस बात का प्रमाण है कि आरजेडी सिर्फ वादे नहीं करती, उन्हें पूरा भी करती है।'
Bihar Chunav में आरजेडी कर रही रोजगार पर फोकस
इस बयान को राजनीतिक हलकों में चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। आरजेडी जहां रोजगार के मुद्दे को फिर से जनता के बीच उठाकर अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रही है, वहीं बीजेपी और जेडीयू इस वादे को चुनावी छलावा बताकर विपक्ष को घेरने में जुटी हैं।
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Bihar Chunav में रोजगार और पलायन है बड़ा मुद्दा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार चुनाव में युवाओं के बीच अभी भी रोजगार एक बड़ा मुद्दा है। ऐसे में तेजस्वी यादव का 10 लाख नौकरियों का वादा एक बार फिर चुनावी नैरेटिव का केंद्र बन सकता है। प्रशांत किशोर भी रोजगार और पलायन को आधार बनाकर चुनाव लड़ रहे हैं। तेजस्वी यादव अपनी चुनावी सभाओं में खुद कई बार कह चुके हैं कि रोजगार ही बिहार का सबसे बड़ा मुद्दा है। हमारी सरकार बनते ही युवाओं को सम्मानजनक नौकरी मिलेगी।
बिहार में पहले फेज की वोटिंग 6 नवंबर को होगी और दूसरे फेज के लिए 11 नवंबर को मतदान किए जाएंगे। 14 नवंबर को मतगणना होगी। इस बार मुकाबला त्रिकोणीय होता दिख रहा है। एनडीए और महागठबंधन के अलावा इस बार प्रशांत किशोर की जनसुराज भी मैदान में है।
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