Bihar Chunav: 'मिथिला पाग' पर क्यों मचा है बवाल? Maithili Thakur ने ऐसा क्या किया कि BJP के लिए बढ़ी मुसीबत?
Maithili Thakur Paag Controversy: बिहार विधानसभा चुनाव-2025 से पहले 'मिथिला की शान' कहे जाने वाले पारंपरिक 'पाग' को लेकर सियासी गलियारों में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले बलिया से भाजपा विधायक केतकी सिंह ने मैथिली ठाकुर के समर्थन में जनसभा के दौरान पाग पर आपत्तिजनक टिप्पणी की और उसे फेंका, जिससे हंगामा मच गया। अब दरभंगा की अलीनगर सीट से भाजपा उम्मीदवार लोक गायिका मैथिली ठाकुर खुद एक नए विवाद के केंद्र में आ गई हैं।
एक वायरल वीडियो में उन्हें भेंट में मिले पाग में मखाना खाते हुए देखा गया, जिस पर सोशल मीडिया पर तीव्र आलोचना हुई। मैथिली ठाकुर ने इसे एक "भावनात्मक क्षण" बताकर सफाई दी है, लेकिन आलोचक इसे मिथिला संस्कृति का अनादर और राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास मान रहे हैं, जिससे यह घटना पारंपरिक प्रतीकों के सम्मान और चुनावी मर्यादाओं पर गंभीर सवाल उठा रही है।

Paag Controversy: पाग में रखकर मखाना खाती दिखीं मैथिली
मैथिली ठाकुर का वायरल वीडियो तब का है जब वह घनश्यामपुर में काली पूजा पंडाल का दौरा कर देर रात लौट रही थीं। उन्होंने बताया कि गांव की महिलाओं ने उन्हें रोका और प्यार से मखाना भेंट किया। थकी और सूखी हालत में जब उनके मुट्ठी से मखाना बिखरने लगा, तो उनके ड्राइवर ने सुझाव दिया कि सम्मान के प्रतीक पाग में उसे रख लें। मैथिली ठाकुर के अनुसार, गांव की महिलाओं ने ही पाग में मखाना भरकर उन्हें अपने हाथों से खिलाया। उन्होंने इसे एक "भावनात्मक और सहज क्षण" बताया और कहा कि उन्हें इस पर "बिल्कुल भी रिग्रेट नहीं है", क्योंकि उनका इरादा परंपरा का अनादर करने का नहीं था।
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Bihar Chunav: सोशल मीडिया पर बवाल
मैथिली ठाकुर के इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर तीव्र प्रतिक्रिया और आलोचना को जन्म दिया है। आलोचकों का तर्क है कि पाग, जो मिथिला क्षेत्र में सम्मान और गौरव का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रतीक है, उसमें खाने की वस्तु रखना अनुचित है और यह मिथिला की संस्कृति का अपमान है। सोशल मीडिया यूजर्स ने उन पर पारंपरिक प्रतीक का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए करने का भी आरोप लगाया। यह विवाद इसलिए भी संवेदनशील हो गया क्योंकि पाग का सांस्कृतिक महत्व मिथिला समुदाय की पहचान में गहराई से समाया हुआ है, और उस पर कोई भी हल्का-फुल्का व्यवहार लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है।
पाग फेंकती दिखीं BJP विधायक
भाजपा विधायक केतकी सिंह दरभंगा की अलीनगर सीट पर मैथिली ठाकुर के समर्थन में एक जनसभा को संबोधित कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने मिथिला पाग को हाथ में उठाया और भीड़ से पूछा, "यह क्या है?" जब भीड़ से "मिथिला का सम्मान" होने का जवाब आया, तो केतकी सिंह ने झटके में टिप्पणी की, "नहीं, मिथिला का सम्मान पाग नहीं है, मैथिली ठाकुर ही मिथिला का सम्मान है।" इस टिप्पणी के साथ ही उन्हें कथित तौर पर पाग को फेंकते हुए भी देखा गया। इस घटना का वीडियो तुरंत इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे मिथिलांचल में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने इसे मिथिला संस्कृति और पहचान का घोर अपमान बताया। तीव्र सार्वजनिक और राजनीतिक विरोध के बाद, केतकी सिंह को अपनी टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से खेद प्रकट करना पड़ा।
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'पाग' का सांस्कृतिक महत्व और पहले का विवाद
पाग, भारत और नेपाल के मिथिला क्षेत्र का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पारंपरिक शिरोवस्त्र है। यह पगड़ी गरिमा और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक है, जिसे पुरुष खास मौकों, धार्मिक कार्यों और सामाजिक आयोजनों में पहनते हैं। यह कपास से बनाया जाता है और अक्सर जटिल हाथ से बनी मधुबनी कला से सजाया जाता है। इसका सांस्कृतिक महत्व इतना गहरा है कि उस पर कोई भी विवादास्पद व्यवहार संवेदनशील मुद्दा बन जाता है। इस विवाद से पहले, बलिया से भाजपा विधायक केतकी सिंह का पाग फेंकने का वीडियो भी खूब चर्चा में रहा था, जिससे मिथिला समुदाय की भावनाएं आहत हुई थीं।
चुनावी माहौल में परंपरा और राजनीति
मैथिली ठाकुर, जो अपनी सादगी और भक्ति गीतों के लिए लोकप्रिय हैं, अली नगर विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही हैं। चुनावी माहौल में ऐसे किसी भी विवाद का सामने आना उम्मीदवार के लिए संवेदनशील हो सकता है। मैथिली ठाकुर द्वारा तुरंत स्पष्टीकरण जारी करने के बावजूद, यह देखना बाकी है कि उनके समर्थक और मिथिला समुदाय इस भावनात्मक तर्क को किस हद तक स्वीकार करते हैं, और क्या यह विवाद आगामी चुनावों में उनके लिए कोई चुनौती पैदा करता है।
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