Bihar Chunav: बिहार चुनाव से पहले PM मोदी ने चला 'मास्टरस्ट्रोक', इन्फ्रास्ट्रक्चर कार्ड से साधेंगे कई निशाने
Bihar Chunav 2025 (Narendra Modi): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 29 मई को बिहार के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचेंगे। इस दौरान वे राज्य को 50,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। यह पिछले पांच महीनों में चुनावी राज्य बिहार का उनका तीसरा दौरा है। वे फिर से 20 जून को एक बार बिहार आ सकते हैं।
पीएम मोदी पटना पहुंचकर जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे, जिसे 1,200 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। साथ ही वे पटना से लगभग 30 किलोमीटर दूर बिहटा हवाई अड्डे पर एक नए सिविल एन्क्लेव की आधारशिला भी रखेंगे। पटना के नए एयरपोर्ट का उद्घाटन, 50 हजार करोड़ की सौगात...बिहार चुनाव से पहले पीएम नरेंद्र मोदी 'इन्फ्रास्ट्रक्चर कार्ड' खेलकर जनता को लुभाने में लगे हैं।

पीएम मोदी के इस दौरे का बिहार चुनाव पर कई स्तरों पर असर पड़ सकता है। आइए इसे प्वाइंट टू प्वाइंट में समझने की कोशिश करते हैं...।
PM मोदी के दौरे का बिहार चुनाव पर संभावित असर
पीएम मोदी का यह दौरा सिर्फ विकास कार्यों के लिए नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा भी है। इससे भाजपा को न केवल राजनीतिक बढ़त मिल सकती है। पीएम मोदी अपने इस दौरे से राजनीतिक संदेश, जातीय संतुलन, और विकास का एजेंडा, तीनों मुद्दों को एक साथ साधना चाहते हैं।
- विकास का संदेश: 50,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात से विकास की राजनीति को बढ़ावा मिलेगा। पीएम मोदी जनता में यह संदेश देना चाहते हैं कि केंद्र सरकार राज्य में बुनियादी ढांचे पर जोर दे रही है।
- राजनीतिक ऊर्जा और मोमेंटम: पटना में रोड शो और पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं से संवाद से भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह और जोश भरने का काम करेगा। यह संगठनात्मक स्तर पर चुनावी तैयारियों को गति देने में मदद करेगा।
- जनसंपर्क से जुड़ाव: बिक्रमगंज रैली के जरिए पीएम मोदी ग्रामीण और अर्ध-शहरी वोटरों से सीधे संवाद करेंगे। इससे भाजपा का ग्रासरूट कनेक्शन मजबूत होगा।
- विपक्ष पर दबाव: मोदी की सक्रियता और लगातार यात्राओं से विपक्षी दलों राजद-कांग्रेस) पर राजनीतिक दबाव बढ़ेगा। उन्हें भी जवाबी रणनीति बनानी पड़ेगी।
- मुस्लिम-यादव समीकरण और चुनौती: भाजपा की रणनीति का लक्ष्य पारंपरिक MY (मुस्लिम-यादव) वोट बैंक में दरार डालना हो सकता है।
- विकास और हिंदुत्व दोनों कार्डों के जरिए भाजपा नए जातीय समीकरण बनाना चाहती है।
पीएम मोदी का बिक्रमगंज दौरा क्यों है खास?
बिक्रमगंज रोहतास जिले का हिस्सा है, जो सासाराम लोकसभा क्षेत्र में आता है। यह इलाका पूर्वांचल और मगध क्षेत्र के बीच पड़ता है इसलिए इसलिए राजनीतिक रूप से संतुलन साधने इस इलाके में अहम हो जाता है। रोहतास और आसपास के क्षेत्र महागठबंधन और एनडीए के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है। यहां रैली करके मोदी एनडीए का जनाधार मजबूत करने और विपक्ष को चुनौती देने की कोशिश करेंगे।
अगर जातीय समीकरणों की बात करें तो इस क्षेत्र में ओबीसी खासकर कुशवाहा, निषाद, सवर्ण और दलित वोटरों मिलेजुले हैं। पीएम मोदी विकास की सौगात देकर सभी जातियों को एक साथ लाना चाहते हैं। यहां 1,500 मेगावाट का सुपर थर्मल पावर प्लांट जैसे बड़े प्रोजेक्ट की आधारशिला रखकर मोदी विकास के संदेश को स्थानीय स्तर तक पहुंचाना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बिहार दौरा, पूरा शेड्यूल
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बिहार दौरा 29 मई और 30 मई
पटना में कार्यक्रम -30 मई 2025
- हवाई अड्डे का उद्घाटन: जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन (लागत ₹1,200 करोड़)।
- बिहटा हवाई अड्डा: बिहटा (पटना से 30 किमी दूर) में नए सिविल एन्क्लेव की आधारशिला रखी जाएगी।
- रोड शो: पटना एयरपोर्ट से बीजेपी मुख्यालय तक 6 किमी लंबा रोड शो, 32 अस्थायी मंचों से कार्यकर्ता फूल बरसाएंगे।
- पार्टी बैठक: राज्य भाजपा मुख्यालय में पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं से मुलाकात। विधानसभा चुनाव (अक्टूबर-नवंबर) को लेकर चर्चा की जाएगी।
बिक्रमगंज (रोहतास) में कार्यक्रम -30 मई 2025
- जनसभा: बिक्रमगंज में सार्वजनिक रैली को संबोधित करेंगे।
- विकास परियोजनाएं: ₹50,000 करोड़ की परियोजनाएं बिहार को समर्पित।
- थर्मल पावर प्लांट: नबीनगर (औरंगाबाद) में 1,500 मेगावाट का सुपर थर्मल पावर प्लांट, लागत ₹29,947 करोड़। देश में एनटीपीसी का दूसरा सबसे बड़ा पावर प्लांट होगा।
- रेल और सड़क परियोजनाओं का भी उद्घाटन होगा












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