Dular Chand Yadav: कौन थे दुलारचंद यादव, जिनकी चुनावी रंजिश में हुई मौत, अनंत सिंह पर क्यों लग रहे आरोप?
Dular Chand Yadav: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से कुछ दिन पहले मोकामा में जो हुआ, उसने पूरे राज्य के राजनीतिक माहौल को हिला दिया है। गुरुवार, 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा के ताड़तर गांव में अचानक गोलियों की आवाज गूंजी। लोग संभलते इससे पहले खबर आई कि जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
यह वारदात ऐसे समय हुई है जब बिहार में चुनावी जंग अपने चरम पर है। एक तरफ जन सुराज पार्टी अपने अभियान को तेज कर रही थी। वहीं दूसरी तरफ जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह की रैलियों का शोर भी चरम पर था। इसी बीच यह हत्या न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राज्य में राजनीतिक भूचाल की तरह फैल गई। मोकामा का नाम एक बार फिर उसी पुरानी बाहुबल और गोलियों की राजनीति से जुड़ गया है, जिसे बिहार अब पीछे छोड़ चुका समझ रहा था।

कौन थे दुलारचंद यादव?
ताड़तर गांव के रहने वाले दुलारचंद यादव कभी मोकामा टाल क्षेत्र के चर्चित नामों में गिने जाते थे। 90 के दशक में उन पर हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसे कई मामले दर्ज थे। हालांकि पिछले कुछ सालों से उन्होंने अपराध की दुनिया से दूरी बना ली थी और राजनीति में सक्रिय हो गए थे। वे इस चुनाव में जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में लगातार प्रचार कर रहे थे। उन्होंने एक चुनावी गाना भी रिकॉर्ड करवाया था, जो इलाके में काफी लोकप्रिय हुआ।
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'अनंत सिंह के इशारे पर हुई हत्या'
दुलारचंद यादव के पोते रवि रंजन ने मीडिया से बात करते हुए जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह पर हत्या करवाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि, "कर्मवीर और राजवीर ने गोली मारी है। दादा अनंत सिंह के खिलाफ बयान दे रहे थे, इसलिए अनंत सिंह नाराज थे। ये पूरी तरह से सोची-समझी साजिश है।"
दुलारचंद के पोते ने आगे कहा, "अनंत सिंह की गाड़ी को कभी कोई चेक नहीं करता। उसकी गाड़ी में हमेशा हथियार रहते हैं। वह एके-47 लेकर चलते हैं। हमारी एक गाड़ी थी और उनकी 18-19 गाड़ियां थीं।" परिजनों का कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
CCTV फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सुलझेगी गुत्थी?
पटना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि दुलारचंद यादव पर पहले से कई मामले दर्ज थे और उनकी मौत संदिग्ध परिस्थिति में हुई है। पुलिस अब CCTV फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चश्मदीदों के बयान के आधार पर साक्ष्य जुटा रही है।
प्रचार के बीच चली गोली, फैली अफरातफरी
घटना के वक्त जन सुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी अपने समर्थकों के साथ प्रचार में थे। इसी दौरान उनके काफिले पर हमला हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भीड़ में किसी ने अचानक गोली चला दी जो दुलारचंद यादव को जा लगी। गोली लगते ही मौके पर अफरातफरी मच गई।
पीयूष प्रियदर्शी ने सीधे तौर पर अनंत सिंह के समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि यह चुनावी रंजिश का परिणाम है। गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जांच जारी है और लोगों में प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
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