Bihar Cabinet Meeting: नीतीश सरकार की पहली कैबिनेट में कब होगा बड़ा धमाका? जानिए क्या-क्या हो सकते हैं फैसले
Bihar Cabinet Meeting: बिहार में नई नीतीश सरकार के गठन और मंत्रिमंडल के बंटवारे के बाद अब सबकी निगाहें एक ही सवाल पर टिकी हैं कि पहली कैबिनेट मीटिंग आखिर कब होगी और उसमें क्या बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 25 नवंबर के बाद आने वाले हफ्ते में ही नई सरकार अपनी पहली कैबिनेट बैठक बुला सकती है। यही बैठक नीतीश कुमार की नई पारी की दिशा तय करेगी और एनडीए के चुनावी 'संकल्प पत्र 2025' की कई योजनाओं को हरी झंडी भी मिल सकती है।

🟡 नीतीश सरकार की पहली कैबिनेट से इतनी उम्मीद क्यों?
मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि यह बैठक सिर्फ औपचारिक नहीं होगी, बल्कि इसमें सरकार अपने शुरुआती 100 दिनों की प्राथमिकताओं का रोडमैप पेश कर सकती है। युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों के हितों से जुड़े वादों में से कम से कम एक बड़ा फैसला आने की पूरी संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार अपनी नई सरकार की शुरुआत किसी ऐसे कदम से करना चाहेंगे जो तुरंत जनता पर असर दिखाए।
🟡 नौकरी और रोजगार पर हो सकता है सबसे बड़ा फैसला
चुनाव प्रचार के दौरान एनडीए गठबंधन ने युवाओं को लेकर बड़े-बड़े वादे किए थे। इनमें सबसे चर्चित वादा था 1 करोड़ से ज्यादा सरकारी नौकरियों की गारंटी। सूत्र बताते हैं कि पहली कैबिनेट मीटिंग में इस दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है।
सरकार बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान को गति देने के लिए किसी नए तंत्र या तेज प्रक्रिया की घोषणा कर सकती है। यह फैसला युवाओं में सकारात्मक संदेश छोड़ने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
🟡 महिलाओं के लिए नई योजना को भी मिल सकती है मंजूरी
एनडीए के संकल्प पत्र में 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' एक प्रमुख घोषणा थी, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के बजट, संरचना और क्रियान्वयन से जुड़ा प्रस्ताव पहली कैबिनेट में पेश होने की उम्मीद है। सरकार महिलाओं को रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और छोटे कारोबार की दिशा में बढ़ावा देने के लिए शुरुआती कदम उठा सकती है।
🟡 किसानों के MSP कानून पर भी चर्चा संभव
किसानों को राहत देने के लिए एनडीए ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी गारंटी देने का वादा किया था। पहली बैठक में इस दिशा में समिति गठन या प्रारंभिक ड्राफ्ट तैयार करने का आदेश जारी हो सकता है। इसके साथ ही किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी विचार होने की संभावना है।
🟡 इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक बड़ी घोषणा
नीतीश सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में 7 नए एक्सप्रेसवे, 3600 किलोमीटर रेल आधुनिकीकरण, और पटना सहित चार शहरों में मेट्रो सेवा शुरू करने की योजना पेश की थी।
पहली बैठक में किसी एक बड़े प्रोजेक्ट की DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने या कार्यान्वयन शुरू करने का ऐलान किया जा सकता है। गया और दरभंगा मेट्रो को लेकर खास तौर पर कदम बढ़ाए जाने की चर्चा है।
🟡 गरीबों के लिए पंचामृत योजना पर भी मुहर लग सकती है
एनडीए की पंचामृत योजना में मुफ्त राशन, 125 यूनिट मुफ्त बिजली, 5 लाख तक मुफ्त इलाज, पक्का मकान और पेंशन योजना जैसे वादे किए गए थे। पहली कैबिनेट में इनमें से एक या दो बिंदुओं पर तुरंत प्रभाव से निर्णय लिए जाने की संभावना है, जिससे सबसे बड़े मतदाता वर्ग यानी गरीब परिवारों तक तुरंत राजनीतिक संदेश पहुंचाया जा सके।
नई नीतीश सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग इसलिए चर्चा में है क्योंकि यही बैठक तय करेगी कि चुनावी वादों को कितनी तेजी से जमीन पर उतारा जाएगा। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नीतीश कुमार किस फैसले से अपनी नई पारी की शुरुआत करते हैं और क्या सच में कोई चौंकाने वाला फैसला आता है।
🟡 नीतीश कैबिनेट में किसे मिला कौन सा मंत्रालय?
- सम्राट चौधरी: गृह विभाग
- विजय कुमार सिन्हा: भूमि एवं राजस्व विभाग, खान एवं भू-तत्व विभाग
- मंगल पांडे: स्वास्थ्य विभाग, विधि विभाग
- दिलीप जयसवाल: उघोग विभाग
- नितीन नवीन: पथ निर्माण विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग
- रामकृपाल यादव: कृषि विभाग
- संजय टाईगर: श्रम संसाधन विभाग
- अरुण शंकर प्रसाद: पर्यटन विभाग
- सुरेन्द्र मेहता: कला, संस्कृति एवं युवा विभाग
- नारायण प्रसाद: पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग
- रमा निषाद: पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग
- लखेन्द्र पासवान: अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग
- श्रेयसी सिंह: सूचना प्रावैधिकी विभाग, खेल विभाग
- प्रमोद चंद्रवंशी: सहकारिता विभाग, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग
- श्रवण कुमार: ग्रामीण विकास विभाग, परिवहन
- विजय चौधरी: जल संसाधन, भवन निर्माण
- विजेंद्र यादव: ऊर्जा विभाग
- जमा खान: अल्पसंख्यक
- सुनील कुमार: शिक्षा विभाग
- मदन सहनी: समाज कल्याण
- अशोक चौधरी: ग्रामीण कार्य
- लेसी सिंह: खाद उपभोक्ता
- संजय सिंह: लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग
- संजय पासवान: गन्ना उद्योग विभाग
- दीपक प्रकाश: पंचायती राज विभाग
- संतोष सुमान: लघु जल संसाधन विभाग
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