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पहली बार में MLA से मंत्री बने संजय सिंह टाइगर कौन? क्यों नहीं की शादी और कितनी है संपत्ति

संजय सिंह टाइगर ने आज यानी 20 नवंबर को नीतीश कुमार की नई सरकार में मंत्री पद की शपथ ली, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक प्रखर वक्ता, समर्पित कार्यकर्ता और जुझारू नेता के रूप में जाने जाते हैं। उन्हें अक्सर बीजेपी के 'टाइगर' के नाम से पुकारा जाता है, जो उनके ओजस्वी संवाद और ऊर्जावान व्यक्तित्व को दर्शाता है।

पहली बार आरा विधानसभा सीट से विधायक बनने के तुरंत बाद कैबिनेट में शामिल होना, उनकी संगठन के प्रति निष्ठा और पार्टी में बढ़ते कद का प्रमाण है।

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पर्सनल और एजुकेशनल बैकग्राउंड
संजय सिंह टाइगर का जन्म 1974 में बिहार के भोजपुर जिले के बिहिया प्रखंड अंतर्गत अमराई नवादा गांव में हुआ था।

  • पिता: स्वर्गीय माधव सिंह (बिहार महालेखापाल के कार्यालय में कार्यरत थे)।
  • फैमिली बैकग्राउंड: उनके बड़े भाई, स्वर्गीय धर्मपाल सिंह, जनता पार्टी और जनता दल से शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक (1990-2000) रह चुके हैं।
  • एजुकेशन: उन्होंने पटना के एएन कॉलेज से स्नातक (Gaguation), एलएलबी, और परास्नातक (Post Graduation) की डिग्री हासिल की।
  • पर्सनल लाइफ: उन्होंने विवाह नहीं किया है और अपना जीवन राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है।
  • लाइफ स्टाइल: वह अपने जीवन में सादगी और सेवा को महत्व देते हैं। वह शुद्ध शाकाहारी भोजन करते हैं, दरी पर सोते हैं और खाने में लिट्टी-चोखा सबसे ज़्यादा पसंद करते हैं।

राजनीतिक और सांगठनिक यात्रा
संजय सिंह टाइगर की राजनीतिक यात्रा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा और ज़मीनी संगठन पर टिकी हुई है।

1. संघ और "टाइगर" उपनाम

  • राजनीति में प्रवेश: वह बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) की विचारधारा से प्रभावित थे और उसी के माध्यम से उन्होंने राष्ट्र सेवा में कदम रखा।
  • उपनाम की कहानी: संघ और सामाजिक कार्यों के दौरान अपने ओजस्वी संवाद और ऊर्जा के कारण उन्हें 'टाइगर' उपनाम मिला। संदेश विधानसभा से चुनाव लड़ने के दौरान, भ्रम से बचने के लिए उन्होंने चुनाव आयोग से आग्रह कर अपने नाम में 'टाइगर' उपनाम जुड़वाया था।

2. विधायक और चुनावी रिकॉर्ड

  • पहली जीत (2010): उन्होंने बीजेपी के टिकट पर 2010 में भोजपुर जिले की संदेश विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव लड़ा और शानदार जीत दर्ज कर विधायक बने।
  • हार (2015): 2015 के चुनाव में संदेश सीट पर उन्हें आरजेडी के अरुण कुमार यादव से हार का सामना करना पड़ा था।
  • हालिया जीत (आरा): हाल ही में उन्होंने भोजपुर जिले की सबसे चर्चित आरा विधानसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और महागठबंधन समर्थित सीपीआई-माले के कय्यूमुद्दीन अंसारी को 19 हजार से अधिक वोटों (94,201 वोट प्राप्त करके) के बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की।

3. प्रमुख दायित्व और वर्तमान स्थिति

  • पार्टी प्रवक्ता: वह बीजेपी की बिहार इकाई के प्रदेश प्रवक्ता के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं।ॉ
  • मंत्री पद की शपथ: आरा विधानसभा से विधायक बनने के तुरंत बाद, उन्हें नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार में मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। यह उनके राजनीतिक करियर का एक महत्वपूर्ण मुकाम है।

संजय सिंह टाइगर की नेटवर्थ कितनी है?
चुनाव आयोग को दिए गए शपथ पत्र के अनुसार:

  • कुल संपत्ति (Assets): लगभग ₹31,18,063 रुपये (31 लाख रुपये से अधिक)
  • कुल देनदारी (Liabilities): शून्य (Nil)

यह प्रोफाइल संजय सिंह टाइगर के ज़मीनी जुड़ाव, संघ के प्रति समर्पण और उनकी राजनीतिक सफलता को दर्शाती है।

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