बिहार सरकार में मंत्री बने राम कृपाल यादव कौन? कितनी है नेटवर्थ, किस बाहुबली नेता को हराकर जीता चुनाव
राम कृपाल यादव भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक अत्यंत अनुभवी और कद्दावर नेता हैं, जिनकी पहचान बिहार की क्षेत्रीय राजनीति से लेकर केंद्र सरकार में मंत्री तक रही है। छात्र जीवन से ही आंदोलन में सक्रिय रहे यादव ने अपनी राजनीतिक यात्रा पटना नगर निगम के पार्षद और उप-महापौर के रूप में शुरू की।
वे एक समय में लालू प्रसाद यादव के सबसे करीबी विश्वासपात्र माने जाते थे, लेकिन 2014 में उन्होंने आरजेडी छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया, जिससे बिहार की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया था। इस बीच अब उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बड़ी जीत के बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है, जो बिहार की सत्ता में उनकी वापसी को दर्शाता है।

बाहुबली नेता को हराकर जीता चुनाव
राम कृपाल यादव ने विधानसभा चुनाव में दानापुर सीट पर RJD के बाहुबली नेता रीतलाल यादव को करारी शिकस्त दी है। दानापुर को पारंपरिक रूप से आरजेडी का गढ़ माना जाता रहा है, और रीतलाल यादव को एक मजबूत और बाहुबली दावेदार के रूप में देखा जा रहा था, जो रंगदारी के एक मामले में जेल में बंद होने के बावजूद चुनाव लड़ रहे थे।
इस कांटे की टक्कर में, बीजेपी के राम कृपाल यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रीतलाल यादव को 29 हजार से अधिक वोटों के बड़े अंतर से हराया, जिससे न सिर्फ यह सीट बीजेपी के खाते में आई बल्कि यह भी साबित हुआ कि अनुभवी नेता राम कृपाल यादव की लोकप्रियता और संगठन की पकड़ क्षेत्र में कितनी गहरी है।
राम कृपाल यादव की कुल संपत्ति (Net Worth)
राम कृपाल यादव की कुल घोषित संपत्ति (नेटवर्थ) ₹3,51,44,091 रुपये है, जिसे मोटे तौर पर 3 करोड़ रुपये से अधिक माना जा सकता है। खास बात यह है कि उन्होंने अपनी कोई भी देनदारी (Liabilities) घोषित नहीं की है, यानी उनके ऊपर कोई कर्ज या बड़ा बकाया नहीं है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, 2024-2025 में उनकी अपनी कुल आय ₹10,89,120 रुपये (लगभग 10 लाख रुपये से अधिक) घोषित की गई है, जबकि उनकी पत्नी की आय इसी वर्ष के लिए ₹5,27,140 रुपये (लगभग 5 लाख रुपये से अधिक) घोषित की गई है।
राम कृपाल यादव का पर्सनल और एजुकेशनल बैकग्राउंड
राम कृपाल यादव का जन्म 12 अक्टूबर 1957 को पटना, बिहार के साबर-चक नामक छोटे से गांव में हुआ था।
- पिता का नाम: स्वर्गीय किशोरी प्रसाद यादव
- एजुकेशन: उन्होंने ग्रेजुएशन (ऑनर्स) और एलएलबी की डिग्री मगध विश्वविद्यालय, पटना से प्राप्त की
- पेशा: समाज सेवा
- पारिवारिक जीवन: उनकी पत्नी का नाम किरण यादव है। उनके दो पुत्र (अभिषेक और अभिमन्यु) एवं एक पुत्री (आरती) हैं।
राजनीतिक सफर: संगठन से बिहार और केंद्र की सत्ता तक
राम कृपाल यादव की राजनीतिक यात्रा उतार-चढ़ाव से भरी रही है, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण पद संभाले:
1. आरजेडी (राष्ट्रीय जनता दल) में शुरुआती दौर
- स्थानीय राजनीति: 1977 में छात्र आंदोलनों से शुरुआत के बाद, वह पटना नगर निगम के पार्षद और बाद में उप-महापौर (1985-1986) भी बने।
- आरजेडी में कद: वह लालू प्रसाद यादव के करीबी थे, आरजेडी में राष्ट्रीय महासचिव जैसे बड़े पद पर रहे, और तीन बार (1993, 1996, 2004) पटना लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे। वह 1992 में बिहार विधान परिषद के सदस्य और 2010 में राज्यसभा के सदस्य भी चुने गए थे।
2. बीजेपी में प्रवेश और केंद्रीय राजनीति (2014)
2014 में पाटलिपुत्र सीट से टिकट न मिलने पर उन्होंने आरजेडी छोड़ दी और बीजेपी में शामिल हो गए।
- ऐतिहासिक जीत: 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी के रूप में उन्होंने पाटलिपुत्र सीट से लालू यादव की बेटी मीसा भारती को हराकर जीत दर्ज की।
- केंद्रीय मंत्री: इस जीत के बाद उन्हें केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया गया:
- 2014-2016: पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय
- 2016-2019: ग्रामीण विकास मंत्रालय
3. मौजूदा स्थिति: बिहार कैबिनेट में वापसी
- लोकसभा (2019): उन्होंने 2019 में फिर से पाटलिपुत्र लोकसभा सीट से मीसा भारती को हराकर अपनी सीट बरकरार रखी और 17वीं लोकसभा के सदस्य बने।
- वर्तमान स्थिति: नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार में उन्होंने बिहार कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है। यह कदम केंद्र से राज्य की राजनीति में उनकी महत्वपूर्ण वापसी को दर्शाता है।
प्रमुख पद और दायित्व
- उपमहापौर: पटना नगर निगम (1985-1986)
- सांसद: 10वीं, 11वीं, 14वीं, 16वीं और 17वीं लोकसभा के सदस्य।
- केंद्रीय राज्य मंत्री: पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय; ग्रामीण विकास मंत्रालय (2014-2019)
- बिहार कैबिनेट मंत्री: (हाल ही में शपथ ली)
- संसदीय समिति: लोक लेखा समिति (PAC), कृषि संबंधी स्थायी समिति, अधीनस्थ विधान समिति, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य।












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