पवन सिंह के बाद बिहार में एक और भोजपुरी गायक ने ठोका दावा, चिराग पासवान की पार्टी से लड़ सकते हैं चुनाव
लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। बिहार में भोजपुरी गायक पवन सिंह को लेकर काफी चर्चा है। जब बीजेपी ने पहली लिस्ट जारी की थी तो पवन सिंह को पश्चिम बंगाल के आसनसोल लोकसभा का टिकट मिला था। हालांकि एक दिन बाद ही भोजपुरी अभिनेता ने यहां से लड़ने से इनकार कर दिया।
ऐसा माना जा रहा है कि पवन सिंह को बिहार में ही किसी लोकसभा सीट से टिकट थमाया जा सकता है। पवन सिंह से इतर एक और भोजुपरी गायक है जिसने लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए दावा ठोक दिया है। भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने गायक एवं कलाकार गुंजन सिंह भी इस बार चुनाव लड़ सकते हैं।

गुंजन सिंह नवाद से चुनाव लड़ सकते हैं। गुंजन सिंह ने कहा है कि वे इस बार का लोकसभा चुनाव हर हाल में लड़ेंगे। भोजपुरी अभिनेता गुंजन सिंह का कहना है कि वर्षों से नवादा लोकसभा सीट से बाहरी लोग जीतते आ रहे हैं, जिससे नवादा का विकास अधर में लटका है। ऐसे में इस बार जनता की मांग है कि नवादा का बेटा ही नवादा का सांसद हो... जिसको लेकर इस बार वे चुनावी मैदान में आए हैं।
गुंजन सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बाहरी लोग आते हैं और चुनाव जीतकर चले जाते हैं। ये कई सालों से हो रहा है। लेकिन अबकी बार ऐसा नहीं होगा। इस बार नवादा की जनता, नवादा का नेता ही चुनेगी।
किस पार्टी से लड़ेगें चुनाव?
गुंजन सिंह ने कहा कि वे काफी समय से बीजेपी और एनडीए गठबंधन के लिए मेहनत कर रहे हैं। ऐसी चर्चा है कि नवादा सीट लोजपा(रामविलास) को मिलने जा रही है। गुंजन सिंह ने कहा कि उन्हें चिराग पासवान ने भरोसा दिया हुआ है कि अगर नवादा सीट उनकी पार्टी को दी जाती है तो वे उनपर विचार कर सकते हैं। हालांकि इसके साथ ही गुंजन सिंह ने कहा कि अगर उन्हें किसी पार्टी ने टिकट न भी दिया तो भी वे नवादा से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।
नवादा का क्या है समीकरण
नवादा लोकसभा सीट पिछले कुछ समय से एनडीए के कब्जे में रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि इस सीट से 3 भूमिहार लड़ सकते हैं। यही वजह है कि इस सीट को लेकर काफी चर्चा होने लगी है। वर्ष 2019 में ये सीट लोजपा के खाते में गई थी। यहां से चंदन सिंह ने चुनाव जीता। चंदन सिंह, सूरजभान सिंह के भाई हैं।
पारस गुट के नेता चंदन सिंह एक बार फिर से यहां चुनाव लड़ते दिखाई दे सकते हैं। हालांकि लेकिन दूसरी लोजपा यानी कि चिराग पासवान की पार्टी ने नवादा लोकसभा को अपनी सूची में डाल रखा है। गुंजन सिंह भले ही ये कहें कि उन्हें चिराग पासवान का आश्वासन मिल चुका है मगर इस बात की संभावना अधिक है कि चिराग पासवान यहां से अरुण कुमार को उतार सकते हैं।
अरुण कुमार पूर्व में जहानाबाद से सांसद रहे हैं। गुंजन सिंह और चंदन सिंह की तरह ये भी भूमिहार हैं। वहीं, एक और चर्चा है कि गिरिराज सिंह एक बार फिर से यहां चुनाव लड़ते दिखाई दे सकते हैं। साल 2014 में गिरिराज सिंह नवादा से सासंद बने थे। ऐसे कयास गए जा रहे हैं कि भाजपा नवादा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकती है और बेगुसराय सीट गठबंधन दल को दे सकती है।












Click it and Unblock the Notifications