Bihar News: 14 सालों में 90 लाख कमाई, करोड़ों की प्रॉपर्टी, जेलर की वैध आय से करीब 146% ज़्यादा अवैध संपत्ति
Beur Jail Patna: बिहार की राजधानी पटना से खाकी पर भ्रष्टाचार का दाग लगाने का एक और मामला सामने आया है। जहां बेउर आदर्श कारा के जेलर विधु कुमार अपने माता-पिता के नाम पर 13 प्लॉट खरीदने के मामले में जांच के घेरे में हैं। कुल खरीद मूल्य 1 करोड़ 42 लाख 69 हजार रुपये है, लेकिन बाजार मूल्य इससे कहीं अधिक मानी जा रही है।
विधु कुमार की इन संपत्तियों में पटना के सगुना मोड़ के पास जमीन पर बनी तीन मंजिला इमारत भी शामिल है, जो उनकी मां के नाम पर रजिस्टर्ड है। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने अपनी जांच के तहत इस ठिकाने पर छापेमारी की है।

जांच और संपत्ति का विवरण: ईओयू की एफआईआर से पता चलता है कि ये प्लॉट कटिहार, मोतिहारी, शिवहर और पूर्णिया सदर में हैं। मोतिहारी के बसनपुर अगरवा में 35.35 डिसमिल क्षेत्रफल का एक उल्लेखनीय प्लॉट भी उनकी मां के नाम पर पंजीकृत है।
वित्तीय विसंगतियां और बैंक खाते: विधु की मां शैलजा देवी गृहिणी हैं, जबकि उनके पिता गोपाल शरण सिंह 2014 में सेना से हवलदार के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। पेंशन मिलने से पहले गोपाल के बैंक खाते में 15 लाख रुपये जमा थे। जांचकर्ताओं ने विधु कुमार और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों की डिटेल्स जुटाई है।
शैलजा देवी, गोपाल शरण सिंह और आर्ची कुमारी से जुड़े लगभग 21 बैंक खातों का पता लगाया है। इन खातों में कुल मिलाकर 29 लाख 83 हजार रुपये जमा हैं। विधु कुमार ने नवंबर 2010 में अपनी सरकारी नौकरी शुरू की और पिछले 14 सालों में अपने वेतन से लगभग 90 लाख रुपये कमाए हैं।
आय से अधिक संपत्ति: विधु कुमार ने अपनी नौकरी से पिछले कई सालों में 90 लाख रुपए कमाए हैं, लेकिन उनके पास 2 करोड़ 42 लाख रुपए से ज़्यादा की चल-अचल संपत्ति है। इस अंतर से पता चलता है कि उनके पास अपनी वैध आय से करीब 146% ज़्यादा अवैध संपत्ति है। चल रही जांच से इस मामले में और भी अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।
विधु कुमार के वित्तीय लेन-देन और संपत्ति अधिग्रहण के बारे में अधिकारियों की जांच जारी है। जांच के निष्कर्षों से उनके ज्ञात आय स्रोतों से परे अर्जित संपत्तियों के बारे में अतिरिक्त खुलासे हो सकते हैं।












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