Begusarai News: ‘क्या दलित होना गुनाह है, बेटे की हत्या पर पिता का झलका दर्द’, सुरक्षा की गुहार लगा रहे परिजन

Begusarai News: बिहार में दलितों और महादलितों पर अत्याचार के मामले दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। जाति के नाम पर ऐसे-ऐसे कारनामे हो रहे हैं, जिसकी शायद समाज के लोग कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। जाति के नाम पर नवादा में हुई ज़्यादती के बाद, अब बिहार के बेगूसराय ज़िले से दलित पर अत्याचार की ख़बर सामने आ रही है।

Recommended Video

    ‘क्या दलित होना गुनाह है, बेटे की हत्या पर पिता का झलका दर्द’, सुरक्षा की गुहार लगा रहे परिजन

    वन इंडिया हिंदी की टीम ग्राउंड रिपोर्ट जानने बेगूसराय जिले से 40 किलोमीटर दूर भरौल गांव पहुंची। जहां 12 अगस्त 2023 को उप मुखिया अजय पासवान की साल 2023 ईट और पत्थर से कूच कर निर्मम हत्या कर दी गई।
    मृतक अजय पासवान की माता उर्मिला देवी और पिता प्रकाश पासवान ने रोते हुए अपना दर्द बयान किया। उन्होंने कहा कि क्या एक दलित का होना गुनाह है, मेरे बेटे ने उन लोगों का क्या बिगाड़ा था। जो सियासी साज़िश के तहत उसे मौत के घाट उतार दिया।

    Begusarai News Is it a crime to be a Dalit father on son murder family pleading for protection

    क्या दलितों का स्वर्ण जातियों के मोहल्ले में रहना क्या न्याय संगत नहीं है। अजय पासवान के पिता प्रकाश पासवान ने बताया कि इस मामले में बछवारा थाना कांड संख्या 249 / 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया। जिसमें 9 लोगों को अभियुक्त बनाया गया।

    इसके बाद कई अभियुक्त को माननीय उच्च न्यायालय पटना से जमानत लेकर जेल से बाहर आ गए हैं। उसके बाद उन सभी अभियुक्तियों के द्वारा लगातार फिर से मेरे परिवार वालों पर दबिश बनाना शुरू कर दिया है और मुकदमा उठाने की धमकी दे रहा है। अभियुक्त कहता है कि अगर मुकदमा नहीं उठाओगे तो तुमहरा भी हाल बेटा अजय पासवान के जैसा कर देंगे, जिससे न तुम घर के रहोगे और ना घाट के।

    अजय पासवान की मां उर्मिला देवी कहती हैं कि अब हम जाएं तो जाएं कहां? यह लोग अब मेरे दलित मोहल्ले की बस्ती को भी यहां से उजाड़ देंगे। साल 2021 में रुदौली पंचायत के भरौल वार्ड- 03 से वार्ड सदस्य के पद पर अजय पासवान निर्वाचित हुए।

    इसके बाद उनकी दलित समाज में लोकप्रियता बढ़ी, अजय पासवान को निर्वाचित वार्ड सदस्यों ने सिर आंखों पर बैठाते हुए उप मुखिया पद पर निर्वाचित कर दिया। इसके बाद से वह दलितों की आवाज़ बुलंद करते चले गए। उसकी बढ़ती लोकप्रियता को 12 अगस्त 2023 को उनकी हत्या कर दी गई।

    आपको बता दें कि बरोल गांव के एससी-एसटी मोहल्ले में अमूमन दलित समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। किसानी और मजदूरी कर ज़िंदगी गुज़र बसर करते हैं। वन इंडिया से बात करते हुए मृतक की मां उर्मिला देवी और पिता प्रकाश पासवान ने प्रशासन से गुहार लगाया कि मेरे परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, नहीं तो मेरे बेटे की तरह ही हम लोगों की भी हत्या कर दी जाएगी।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+